कोरिया: नौगई गांव में आधी रात को खूनी संघर्ष, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष की जलकर मौत, शिक्षक गंभीर रूप से झुलसे
बैकुंठपुर (कोरिया)
कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र अंतर्गत नौगई गांव से एक बेहद हृदय विदारक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात आपसी विवाद ने इस कदर तूल पकड़ा कि वह खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। इस खौफनाक घटना में भाजपा नेता एवं पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, घटना में एक स्थानीय शिक्षक समेत दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वारदात की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा आईजी दीपक झा खुद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
फार्च्यूनर कार में लगाई आग, मौके पर तोड़ा दम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नौगई गांव में किसी बात को लेकर देर रात ग्रामीणों और भाजपा नेता के बीच तीखी बहस शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि उग्र ग्रामीणों ने भाजपा नेता भरत सिंह की फार्च्यूनर वाहन को घेरकर उसमें आग लगा दी। आग इतनी भयानक थी कि वाहन के भीतर मौजूद भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह बुरी तरह झुलस गए और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
बचाने आए शिक्षक भी गंभीर, अंबिकापुर रेफर
इस हिंसक झड़प की चपेट में आने से स्थानीय शिक्षक नागेंद्र सिंह भी गंभीर रूप से झुलस गए हैं। उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। इसके अलावा दो अन्य युवकों के भी इस खूनी विवाद में गंभीर रूप से घायल होने की खबर है, जिनका इलाज जारी है।
सरगुजा आईजी पहुंचे गांव, भारी पुलिस बल तैनात
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया। सरगुजा रेंज के आईजी (IG) दीपक झा और कोरिया एसपी तत्काल भारी पुलिस बल के साथ रात में ही नौगई गांव पहुंचे। आईजी ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में सन्नाटा और दहशत का माहौल है।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जले हुए वाहन को जब्त कर लिया गया है। विवाद की मुख्य वजह क्या थी और आगजनी में कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी तफ्तीश के लिए पुलिस ग्रामीणों और चश्मदीदों से पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।