Site icon Chhattisgarh 24 News : Daily Hindi News, Chhattisgarh & India News

डोंगरगांव में भाजपा की ‘गुटबाजी लीग’— कप्तान वही, जो चुनाव में चुका है क्लीन बोल्ड

शशिकांत सनसनी राजनांदगांव छत्तीसगढ़

डोंगरगांव राजनांदगांव _भाजपा में इस समय संगठन से ज्यादा चर्चा गुटबाजी की हो रही है। मज़े की बात यह है कि यहां गुटबाजी की कप्तानी वो नेता कर रहे हैं, जो खुद चुनाव हार चुके हैं। हार के बाद भी उनका आत्मविश्वास इतना मज़बूत है कि वे खुद को क्षेत्र का ‘अकेला बड़ा नेता’ मानते हैं और किसी नए चेहरे को उभरने ही नहीं देना चाहते।
जानकारों का कहना है कि ये नेता भाजपा से निष्कासित हो चुके लोगों को भी साथ लेकर गलियों और चौपालों में घूमते हैं। मानो पार्टी का नहीं, अपना खुद का “व्यक्तिगत संगठन” खड़ा कर रहे हों। जनता हंसी में कहती है – “भाजपा तो चुनाव लड़ती है, लेकिन नेताजी तो सिर्फ गुटबाजी लड़ते हैं।”
गांव-गांव घूमने वाले इन नेता जी की राजनीति का गणित बड़ा दिलचस्प है – चुनाव हारने के बावजूद खुद को हमेशा “बड़ा” बताना और बाकी सभी को छोटा साबित करना। नतीजा यह है कि भाजपा को यहां असली मुकाबले से ज्यादा आंतरिक खींचतान का सामना करना पड़ रहा है।
डोंगरगांव के मतदाता अब व्यंग्य में कहते हैं – “जिस नेता ने खुद हार को गले लगाया हो, वही दूसरों को जीत का रास्ता दिखा रहा है।”

Exit mobile version