राजनांदगांव जिले को मिली बड़ी सौगात: “लिटिया-सेमरिया” उपकेंद्र के सुदृढ़ीकरण से प्रदेश की औद्योगिक परियोजनाओं को मिलेगी गति
* लिटिया-सेमरिया 220/132 केवी उपकेंद्र में 320 एमवीए की अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता का सफल ऊर्जीकरण …
* राजनांदगांव के पटेवा सेमीकंडक्टर पार्क एवं बिजेभाट औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति…
* दुर्ग-राजनांदगांव क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त…
“राजनांदगांव जिले के विकास में मील का पत्थर”
इस परियोजना से राजनांदगांव एवं दुर्ग क्षेत्र की पारेषण व्यवस्था को उल्लेखनीय मजबूती मिलेगी। बढ़ती विद्युत मांग के अनुरूप विद्युत भार का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा तथा क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
“विशेष रूप से राजनांदगांव जिले को मिलेगा इसका सीधा लाभ”
220/132 केवी लिटिया-सेमरिया उपकेंद्र से 132 केवी वोल्टेज स्तर पर राजनांदगांव जिले के पटेवा में प्रस्तावित “इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर Electronic Manufacturing Cluster (ईएमसी-2.0/सेमीकंडक्टर पार्क)” तथा राजनांदगांव जिले के बिजेभाट में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे राजनांदगांव जिले में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
“प्रबंध निदेशक का बयान”
उन्होंने कहा कि इस परियोजना का लाभ दुर्ग जिले से लेकर राजनांदगांव तक प्राप्त होगा। इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ घरेलू, कृषि एवं अन्य उपभोक्ताओं को भी अधिक विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
“उपस्थित अधिकारीगण”
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (लाइन) श्री संजय पटेल, कार्यपालक निदेशक (पीसी एंड आरए) श्री के. एस. मिनोठिया, कार्यपालक निदेशक (ट्रांसमिशन) श्री वी. के. दीक्षित, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (ओ एंड एम) श्री संजय आर. बी. खंडेलवाल, कार्यपालक निदेशक, दुर्ग क्षेत्र श्री शिरीष सालेट, ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता (सब-स्टेशन) श्री अब्राहम वर्गीज, मुख्य अभियंता (परियोजना) श्री प्रसन्ना गोसावी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री पी. पी. सिंह, श्री आर. के. तिवारी एवं श्री आर. के. मिश्रा, अधीक्षण अभियंता श्री करुणेश यादव एवं श्री सुनील भुआर्य सहित कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता तथा परियोजना से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।