Site icon Chhattisgarh 24 News : Daily Hindi News, Chhattisgarh & India News

सुशासन तिहार में ACB का बड़ा धमाका: समाधान शिविर से रिश्वतखोर बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार, मचा हड़कंप  पोड़ी उपरोड़ा के तुमान में चल रही थी सरकार की जनसमस्या निवारण शिविर, BEO ऑफिस के सहायक ग्रेड-2 ने रिटायर्ड शिक्षक से GPF एंट्री के एवज में मांगी थी 40 हजार की घूस।

सुशासन तिहार में ACB का बड़ा धमाका: समाधान शिविर से रिश्वतखोर बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार, मचा हड़कंप

​ पोड़ी उपरोड़ा के तुमान में चल रही थी सरकार की जनसमस्या निवारण शिविर, BEO ऑफिस के सहायक ग्रेड-2 ने रिटायर्ड शिक्षक से GPF एंट्री के एवज में मांगी थी 40 हजार की घूस।

कोरबा। जिला मुख्यालय से लेकर ब्लॉक मुख्यालयों तक भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका एक सनसनीखेज नजारा पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के तुमान में देखने को मिला। राज्य सरकार जहां एक तरफ ‘सुशासन तिहार’ मनाकर जनता की समस्याओं का मौके पर निपटारा करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ इसी “समाधान शिविर” के बीचों-बीच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय के रिश्वतखोर बाबू को रंगे हाथ दबोच लिया। इस कार्रवाई के बाद से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

​महीनों से चक्कर काट रहे थे सेवानिवृत्त शिक्षक

​मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित अमृतलाल बघेल शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त (Retired) शिक्षक हैं। वे अपनी जीपीएफ (GPF) पासबुक में विभागीय कटौती की एंट्री कराने के लिए पिछले कई महीनों से बीईओ (BEO) कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। लेकिन कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 प्रदीप मिश्रा काम करने के बजाय लगातार उन्हें टाल रहा था।

​काम के बदले ‘मोटी रकम’ की डिमांड

​जब बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी पीड़ित शिक्षक का काम नहीं हुआ, तो आरोपी बाबू प्रदीप मिश्रा ने साफ शब्दों में काम के एवज में 40,जार रुपए की मोटी रिश्वत मांग ली। आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हो चुके सेवानिवृत्त शिक्षक ने इस भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय कानून का रास्ता चुना और मामले की लिखित शिकायत बिलासपुर ACB टीम से कर दी।

“सरकार शिविर लगाकर समाधान का ढोल पीट रही है, और अधिकारी-कर्मचारी उसी मंच का इस्तेमाल अपनी जेबें गर्म करने के लिए कर रहे हैं।”

— शिविर में मौजूद एक ग्रामीण का फूटा गुस्सा

 

​समाधान शिविर के बीचों-बीच बिछाया गया जाल

​ACB की टीम ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद तुरंत जाल बिछाया। संयोग से, उस दिन पोड़ी उपरोड़ा के तुमान में समाधान शिविर (सुशासन तिहार) का आयोजन किया गया था, जहां तमाम विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। आरोपी बाबू प्रदीप मिश्रा भी वहां ड्यूटी पर था।

​ACB के निर्देश पर जैसे ही पीड़ित शिक्षक अमृतलाल बघेल ने रिश्वत की रकम बाबू प्रदीप मिश्रा को थमाई, वैसे ही सादे कपड़ों में तैनात ACB की टीम ने धावा बोल दिया।

​शिविर में मची अफरा-तफरी, छूटे कर्मचारियों के पसीने

​जैसे ही ACB ने रिश्वतखोर बाबू को रंगे हाथ दबोचा और उसके हाथ धुलवाए (जिसमें केमिकल के कारण रंग बदल गया), पूरे समाधान शिविर में अफरा-तफरी मच गई।

​भ्रष्टाचार पर ACB का कड़ा संदेश

​ACB के अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी प्रदीप मिश्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उसे गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सुशासन के दावों के बीच जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए ऐसी कड़क कार्रवाइयां कितनी जरूरी हैं।

Exit mobile version