दुर्ग । छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन जिला दुर्ग के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ड्राइवरों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने ड्राइवर वर्ग से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेशभर के ड्राइवर लंबे समय से कई मूलभूत समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ड्राइवरों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और दुर्घटना से जुड़े मामलों में सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
ताम्रध्वज साहू के परिवार को मुआवजा देने की मांग
ज्ञापन में संगठन ने ताम्रध्वज साहू के परिवार को राज्य सरकार की ओर से उचित मुआवजा राशि देने की मांग की। साथ ही घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा दोषियों को आजीवन कारावास या फांसी की सजा देने की मांग भी उठाई गई।
ड्राइवरों के लिए उठाईं ये प्रमुख मांगें
संगठन ने प्रशासन और राज्य सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं—
- हेवी ड्राइवर लाइसेंस को श्रम विभाग से जोड़ा जाए।
- वाहन मालिकों से नियुक्ति प्रमाण पत्र जारी कराया जाए।
- ड्राइवरों के वेतन और भत्ते को सुनिश्चित किया जाए।
- वाहन संचालन के लिए निर्धारित टाइम टेबल लागू किया जाए।
- दुर्घटना में अपंगता या मृत्यु की स्थिति में वाहन मालिक और राज्य सरकार द्वारा मुआवजा दिया जाए।
- ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड का जल्द गठन किया जाए।
4 महीने में वेलफेयर बोर्ड नहीं बना तो फिर होगा आंदोलन
छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी 4 महीनों के भीतर ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड का गठन नहीं किया गया, तो 25 अक्टूबर के आंदोलन की तर्ज पर पूरे प्रदेश में एक बार फिर ‘स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन’ शुरू किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
कलेक्टर ने दिया आश्वासन
कलेक्टर दुर्ग ने संगठन का ज्ञापन स्वीकार करते हुए संबंधित विषयों पर नियमानुसार विचार करने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस दौरान दुर्ग संभाग प्रभारी नागराज साहू, जिला अध्यक्ष भारत यादव, जिला महासचिव चितरंजन साहू, जिला संरक्षण प्रभारी रहीपाल साहू, जिला संचालक महेश नेताम सहित जिला कमेटी के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में संगठन के सदस्य उपस्थित रहे।
