Site icon Chhattisgarh 24 News : Daily Hindi News, Chhattisgarh & India News

आर्थिक अनियमितता और मनमानी की जानकारी के बाद भुतेश्वरनाथ सेवा समिति भंग।

बिना टेंडर बना दिया 65 लाख का भवन, अनुभवहीन ठेकेदार से करवा दिया गया भवन का निर्माण ,अब कार्य पर उठ रहे सवाल।

किरीट भाई ठक्कर , गरियाबंद स्थित विश्व विख्यात बाबा भुतेश्वरनाथ महादेव की सालो पुरानी समिति भंग हो गई है। समिति के कुछ सदस्यों ने दूसरे सदस्यों के ऊपर दान की राशि के मनमाने खर्च और बिना जानकारी के कार्य करवाने की बात कही है। नाम न छापने की शर्त पर सदस्यों ने समिति के भंग होने की वजह आर्थिक अनियमितता बताई। भुतेश्वरनाथ को मिलने वाली दान की राशि का सही तरीके से इस्तेमाल हो सके इसलिए लगभग 45 साल पूर्व भुतेश्वरनाथ सेवा समिति का गठन किया गया था।

इधर पिछले कुछ वर्षों से भुतेश्वरनाथ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है ,और उनके द्वारा दिये जाने वाले दान में भी बेतहाशा वृद्धि हुई है। बता दें कि साल भर में समिति में आने वाली दान की राशि कई लाखों में पहुँच रही है। इस राशि का समिति के कुछ सदस्य अपने तरीके से बंदरबांट कर रहे थे। बताया जा रहा है कि राशि की बंदरबांट की वजह से समिति के कुछ सदस्यों इस्तीफा दे दिया। किसी गड़बड़ी की आशंका को देखते हुये बाकी सदस्यों ने भी इस्तीफा देते हुये समिति भंग कर दी गई।
विदित हो कि भूतेश्वर नाथ सेवा समिति में अधिकतर गरियाबंद नगर के व्यापारी वर्ग के ही लोग जुड़े हुये थे । समिति भंग होने के बाद अब नई समिति का गठन किया गया है । वर्तमान में सभी सदस्य ग्राम मरौदा स्थित भुतेश्वरनाथ के आस पास के स्थानीय ग्रामीण है। समिति के पूर्व सदस्यों ने बताया कि हमारे बीच के कुछ सदस्यों ने भुतेश्वरनाथ में 65 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि से 7 हजार स्केवयर फीट में भवन का निर्माण का कार्य दिया है। इस भवन के लिये किसी तरह की कोई निविदा या इश्तहार नही निकला गया, और सबसे बड़ी बात कि जिस व्यक्ति को भवन निर्माण का कार्य दिया गया है उसके पास भवन निर्माण का कोई अनुभव ही नही है, और न ही उस व्यक्ति से किसी तरह का कोई एग्रीमेंट कराया गया है। भवन का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है। इन सब बातों की जानकारी लगते ही भंग हुई समिति के कुछ सदस्यों एवं समिति के नये सदस्यों ने इसका विरोध किया, इसके बावजूद ठेकेदार को लगभग 62 लाख 50 हजार का भुगतान कर दिया गया, बाकी का बचा 2 लाख 50 हजार समिति के नये सदस्यों ने अब रोक दिया है। समिति के नये सदस्य ने बताया कि भवन का निर्माण काफी लापरवाही पूर्वक और गैर जिम्मेदाराना ढंग से किया गया है साथ ही इसके निर्माण में बताई जा रही राशि भी काफी अधिक है । इस बारे में जब निर्माणकर्ता से बात की गई तो उन्होंने अपने नाम से कोई एग्रीमेंट नही होने का हवाला दिया।

भवन निर्माण शुरू होने के पूर्व शेड बनना था , मगर दीवाल खड़ी होने बाद शेड की जगह लेंटर ढाल दिया गया

भुतेश्वरनाथ प्रांगण में भक्तों के रुकने के लिये दान में मिली राशि से 7 हजार स्क्वेयर फिट में भवन का निर्माण किया गया। समिति के ही कुछ पुराने सदस्यों ने बताया कि भवन निर्माण का कार्य किसे और किस आधार पर दिया गया उन्हें काफी समय तक पता ही नही था । भवन निर्माण जब शुरू हुआ तब 32 लाख की लागत से टीन शेड लगाने की बात हुई थी, इसी आधार पर दीवाल और बिम्ब का निर्माण किया गया किन्तु जब दीवाल पूरी खड़ी हो गई तब अचानक लेंटर ढाल कर निर्माण कर दिया गया और निर्माण की राशि 32 से 65 लाख पहुँच गई । समिति के नये और पुराने सदस्यो ने बताया कि भवन की छत के बीच मे बिंब डाला ही नही गया और छत डाल दी गई है । जिसकी वजह से भवन की मजबूती को लेकर अब संशय की स्थिति बन रही है। भुतेश्वरनाथ सेवा समिति के वर्तमान सदस्य अब कलेक्टर से मिलकर भवन निर्माण में हुई गड़बड़ी की शिकायत करते हुये भवन के पुनर्मूल्यांकन की मांग करेंगे ।

भुतेश्वरनाथ में दान में चढ़े नारियल का सालाना ठेका 27 लाख

भूतेश्वर नाथ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ है, जिसका असर बाबा भोलेनाथ को चढ़ने वाले नारियल में दिखने लगा है ,पिछले कुछ सालों तक जहां नारियल का सालाना ठेका 10 से 12 लाख रुपये में जाता था वही इस बार नारियल का ठेका 27 लाख रुपये में गया है , जो दर्शाता है कि बाबा भूतेश्वर नाथ को साल भर में श्रद्धालुओं के द्वारा कितना दान चढ़ाया जा रहा है । नारियल के जैसे ही भक्तों द्वारा चढ़ाई जाने वाली दान की राशि में भी काफी इजाफ़ा हुआ है जिसका समिति के द्वारा मनमाने ढंग से खर्च करने का आरोप समिति के ही कुछ सदस्यों द्वारा लगाया गया है ।

नियमों की अनदेखी के चलते कई बार समिति का पंजीयन हो चुका है निरस्त

भुतेश्वरनाथ में बिना किसी नियम और प्रारूप के समिति का संचालन हो रहा था, पिछले लगभग 10 वर्षों से नई समिति का गठन हुआ था जिसमें नगर के व्यापारी वर्ग के लोग भी जुड़े हुये थे। सेवा समिति का संचालन कई तरह के नियम और प्रारूप के आधार पर होता है, किन्तु भंग हुई समिति में किसी तरह की कोई कार्य योजना नही थी। कई कई माह तक समिति के सदस्यों की बैठक नही होने के चलते और पंजीयक फर्म्स एंड सोसायटी छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्रेशन रिनीवल नही होने के कारण समिति का पंजीयन भी कई बार निरस्त हो चुका था। इस सबके बावजूद समिति के द्वारा दान में मिली राशि का मनमाने ढंग से खर्चा किया गया हैं।

पूर्व सचिव ने कहा ….

समिति में कुछ गलत गतिविधियां हो रही थी, ग्रामीणों में इसका विरोध हो रहा था और समिति के पदाधिकारी इसे स्वीकार नही कर रहे थे। इसीलिये मैंने इसकी जिम्मेदारी लेते हुये अपना इस्तीफा सौंप दिया था जिसके बाद सभी सदस्यों ने अपना अपना इस्तीफा देते हुये समिति को भंग कर दिया।
—- मिर्जा जलील बेग
पूर्व सचिव भुतेश्वरनाथ सेवा समिति

Exit mobile version