* भोला कश्यप मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई करे सरकार : नवनीत चाँद…
* स्वास्थ्य मंत्री के नाम जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, अस्पताल के इलाज और सरकारी योजनाओं की भी जांच की मांग…
नवनीत चाँद ने कहा कि भोला कश्यप के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, इसका फैसला जांच के बाद ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी डॉक्टर या अस्पताल को पहले से दोषी ठहराना उचित नहीं है, लेकिन मरीज के इलाज से जुड़े सवालों का जवाब मिलना जरूरी है।
परिजनों के अनुसार भोला कश्यप का टीबी का इलाज चल रहा था। इसके बाद डिमरापाल स्थित कॉन्टिनेंटल अस्पताल में उसके मस्तिष्क में पानी भरने की स्थिति बताई गई और 9 अगस्त को ब्रेन सर्जरी की गई। ऑपरेशन के बाद उसकी हालत गंभीर बनी रही। इसके बाद 13 अगस्त की रात उसे बेहतर इलाज के लिए विशाखापट्टनम ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इलाज के सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने की मांग
मोर्चा ने भोला कश्यप के इलाज से जुड़े सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने की मांग की है। इसमें जांच रिपोर्ट, MRI और CT रिपोर्ट, डॉक्टरों की सलाह, ऑपरेशन से जुड़े दस्तावेज, बेहोशी से जुड़े रिकॉर्ड, ICU और नर्सिंग रिकॉर्ड, दवाओं का विवरण, सहमति पत्र, रेफर करने के दस्तावेज और अस्पताल के बिल शामिल हैं।
नवनीत चाँद ने कहा कि मामले की जांच ऐसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से कराई जानी चाहिए, जिनका संबंधित अस्पताल से कोई संबंध न हो। टीम में न्यूरोसर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, एनेस्थीसिया, मेडिसिन, रेडियोलॉजी और गंभीर मरीजों के इलाज के विशेषज्ञों को शामिल करने की मांग की गई है।
PPP व्यवस्था की भी जांच हो
सरकारी योजनाओं और NMDC से मिली सहायता का हिसाब हो
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि यदि अस्पताल को NMDC या किसी अन्य सरकारी संस्था से आर्थिक सहायता, उपकरण अथवा अन्य सुविधाएं मिली हैं तो उनके उपयोग की जांच की जाए। इसी तरह यदि भोला कश्यप का इलाज किसी सरकारी स्वास्थ्य योजना के तहत हुआ है तो योजना के तहत स्वीकृत इलाज, अस्पताल को किए गए भुगतान और वास्तविक इलाज की भी जांच हो।
नवनीत चाँद ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में अस्पताल की सरकारी जांच रिपोर्ट, पंजीयन, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और मरीजों की शिकायतों की भी समीक्षा की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, कि बस्तर के गरीब और आदिवासी मरीजों को सुरक्षित और अच्छा इलाज मिलना उनका अधिकार है। जांच में यदि अस्पताल की ओर से कोई गलती नहीं मिलती है तो उसे स्पष्ट रूप से बताया जाए, लेकिन यदि इलाज में लापरवाही या सरकारी व्यवस्था की कमी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में बस्तर जिला अध्यक्ष संतु कश्यप, प्रिया यादव, वनमाली बघेल, कमल बघेल, प्रतीक जॉन और निहारिका सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने भोला कश्यप के परिवार को आवश्यक आर्थिक एवं उपचार संबंधी सहायता उपलब्ध कराने और पूरे मामले की समयबद्ध जांच कराने की मांग की।