विकास की राह पर भरतपुर-सोनहत: पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व विधायक श्रीमती रेणुका सिंह के प्रयासों से संवर रही ग्रामीण सड़कें
भरतपुर
छत्तीसगढ़ का वनांचल और जनजातीय बहुल क्षेत्र भरतपुर-सोनहत विधानसभा इन दिनों विकास की एक नई इबारत लिख रहा है। क्षेत्र की ऊर्जावान, प्रखर और संवेदनशील विधायक, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती रेणुका सिंह के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के चलते दशकों से उपेक्षित पड़े ग्रामीण अंचलों की सूरत बदलने लगी है। अपनी सहजता, प्रशासनिक अनुभव और जनता के प्रति अटूट समर्पण के लिए पहचानी जाने वाली श्रीमती रेणुका सिंह के प्रयासों से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
इसी कड़ी में, ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत विधानसभा क्षेत्र को एक बड़ी सौगात मिली है, जिससे ग्रामीणों में हर्ष की लहर है।
22.2 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण प्रगति पर, सुगम होगा आवागमन
क्षेत्र के सुदूर और पहुंचविहीन गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के संकल्प को पूरा करते हुए, नावाटोला से किशोरी व्हाया कचोहर, निगनोहर एवं देवतीडांड तक कुल 22.2 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य बेहद तेज गति से चल रहा है।
यह सड़क केवल डामर और गिट्टी का रास्ता नहीं है, बल्कि इस पूरे वनांचल क्षेत्र की ‘लाइफलाइन’ बनने जा रही है। इस मार्ग के निर्माण से नावाटोला, किशोरी, कचोहर, निगनोहर और देवतीडांड जैसे कई ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों को बारहमासी और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे वनांचल के गांव
इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में बड़े सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे:
- स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाएं: सड़क बनने से आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस और स्वास्थ्य सेवाएं सीधे गांवों तक समय पर पहुंच सकेंगी।
- शिक्षा को बढ़ावा: ग्रामीण अंचल के छात्र-छात्राओं को स्कूल और कॉलेज आने-जाने में होने वाली दिक्कतों से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
- आर्थिक उन्नति: सुगम मार्ग होने से स्थानीय किसानों, लघु वनोपज संग्राहकों और छोटे व्यापारियों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
दृढ़ इच्छाशक्ति और अंत्योदय की सोच का परिणाम
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि श्रीमती रेणुका सिंह का केंद्र में मंत्री रहने का व्यापक अनुभव और उनकी मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति ही है, जो आज भरतपुर-सोनहत के कोने-कोने तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतार रही है। ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रही है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है और समय सीमा के भीतर इसे पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। निश्चित रूप से, श्रीमती रेणुका सिंह के इन थका देने वाले प्रयासों और दूरगामी सोच की बदौलत भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र अब पिछड़ेपन के टैग को पीछे छोड़, तेजी से तरक्की के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
आगे बढ़ रहा भरतपुर-सोनहत! पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक श्रीमती रेणुका सिंह के प्रयासों से वनांचल के गांवों को मिल रही है विकास की नई रफ्तार। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत नावाटोला से किशोरी व्हाया कचोहर, निगनोहर एवं देवतीडांड तक 22.2 किमी सड़क का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह सड़क क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाकर ग्रामीणों को तरक्की की मुख्यधारा से जोड़ेगी।