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BEO हिमांशु मिश्रा पर गंभीर आरोप बच्चों को भूखा रखकर रिकॉर्ड में ‘खाना चढ़ाने’ का काला खेल उजागर

शशिकांत सनसनी छत्तीसगढ़

बालोद _छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड अंतर्गत टिकरापारा स्कूल में मध्यान्ह भोजन न बनने का मामला अब केवल लापरवाही नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों और सरकारी धन की दोहरी लूट के रूप में सामने आ रहा है।

इस पूरे मामले को लेकर जिले के सामाजिक कार्यकर्ता मोहन निषाद ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) हिमांशु मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन जैसी संवेदनशील योजना को बच्चों तक पहुंचाने के बजाय, सरकारी रजिस्टरों में फर्जी वितरण दिखाकर राशि आहरण किया जा रहा है।

मोहन निषाद के अनुसार,

स्कूल में चूल्हा नहीं जला, बच्चों को खाना नहीं मिला, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में भोजन वितरण दर्शा दिया गया। यह सीधी-सीधी वित्तीय हेराफेरी और बच्चों की भूख पर अपराध है।”

लगातार शिकायतें, फिर भी कार्रवाई शून्य

आरोप है कि टिकरापारा स्कूल में पहले भी
कभी भोजन न बनने,कभी कीड़ेयुक्त भोजन परोसने,और अब फर्जी वितरण दर्ज कर भुगतान निकालने

जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

थाली खाली, रजिस्टर भरा हुआ’

मोहन निषाद ने कहा कि यह स्थिति शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है—

यहां बच्चे भूखे हैं, लेकिन रजिस्टर पेटभर खा रहा है। मध्यान्ह भोजन योजना को राजस्व-स्रोत की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।

नियमों का खुला उल्लंघन

शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार—
भोजन न बनना गंभीर अनियमितता,
फर्जी वितरण दर्ज करना वित्तीय अपराध,
बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ विभागीय अपराध,

और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना सेवा नियमों का उल्लंघन है।
इन सभी बिंदुओं के बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका को बल देता है।

मुख्यमंत्री से की गई मांगें

सामाजिक कार्यकर्ता मोहन निषाद ने यह मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लेने की मांग करते हुए कहा कि यह प्रकरण जिला स्तर से ऊपर उठ चुका है।

उन्होंने मांग की कि—
1. BEO हिमांशु मिश्रा को तत्काल निलंबित किया जाए।
2. मध्यान्ह भोजन के फर्जी वितरण की जांच EOW या सतर्कता विभाग से कराई जाए।

3. टिकरापारा सहित पूरे ब्लॉक में स्वतंत्र टीम द्वारा भौतिक सत्यापन कराया जाए।

4. दोषी शिक्षकों, रसोइयों और प्रभारी अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई हो।

बच्चों की थाली पर हमला

उन्होंने कहा कि टिकरापारा स्कूल की यह घटना केवल खबर नहीं, बल्कि बच्चों की थाली पर सीधा हमला है।

अगर सरकार अब भी कार्रवाई नहीं करती, तो यह कलंक केवल विभाग का नहीं, बल्कि पूरे राज्य के माथे पर दर्ज होगा।”

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