देवभोग : विकासखंड देवभोग के ग्राम पंचायत खोखसरा में मीडिया को जानकारी मिलते ही पेंशन कि पड़ताल करने पहुंचने पर पता चला कि पेंशन व्यवस्था का हाल बेहाल है।हितग्राहि रैवारी कश्यप कहती है की मुझे 6 महीने से पेंशन प्राप्त नही हुई है। तो वहीं सुकन डोंगरे कहती है कि मुझे 6 महीने से नही मिला पेंशन गूंगा धर्मेंद्र कश्यप अब तक तरस रहा है पेंशन को ।दिव्यांग धनमत सालों से गिड़गिड़ा रहा पेंशन को तपेस्वर सिन्हा दर बदर भटकने को मजबूर है पेंशन को ।भागीरथी कश्यप बेहद गरीब परिवार से है किंतु 4 महिने से पेंशन नही मिलने के कारण चावल बेचकर जैसे तैसे जीवन यापन कर रहा है।
धनमती कश्यप कहती है बार बार सरपंच को बोलने के बावजूद 8 महीने से अब तक नही मिला पेंशन, तपेस्वर सिन्हा मुखबधिर है लेकिन अब तक पेंशन के लिए लाख कोशिश करने के बावजूद पेंशन के श्रेणी से है बाहर।रत्नी यादव बेहद बुजुर्ग है बस पेंशन ही उसका सहारा है लेकिन लगभग 5 महीने से अब तक नही मिला पेंशन, बुधवारी नायक को लगभग 2 महीने से नही मिल पा रहा है पेंशन जिसके कारण नही चलापा पा रही परिवार । विकासखंड देवभोग में विभिन्न प्रकार के श्रेणी के सरपंच पाए जाते हैं,कोई गोबर खा जाता है तो कोई सड़क खा जाता है।
कोई 14 वें वित्त कि राशि खा जाता है तो कोई 15 वें वित्त कि राशि डकार जाता है। देवभोग प्रशासन के निष्क्रिय कार्यप्रणाली के चलते ऐसे खुसखोर लूटमार करने वाले सरपंच हमेशा से बचते आ रहे हैं।कब बहेगी देवभोग के पंचायतों में विकास की गंगा कब थमेगी भ्रष्टाचार की गटर ये सोचने वाली बात है। देवभोग की जनता बेहद भोली भाली है जिसका फायदा प्रशासनिक अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि अब तक उठाते आ रहे है। किसी को कोई चिंता नही ना ही किसी को कोई मतलब, जिस क्षेत्र में बूढ़े बुजुर्ग का पैसा खा दिया जा रहा उस क्षेत्र में विकास की उमीद कैसे रखें। जिम्मेदार अधिकारी समय अवधि के अंतराल में क्यों नही लेते पेंशन का उपटेड। क्यों नही सुधर पा रही पेंशन व्यवस्था पेंशन के सहारे जीवन यापन करने वाले बुजुर्गो का कौन लेगा संज्ञान ओर कौन करेगा इनकी मदद।
*खोखसरा सरपंच*
सबका पेंशन दे दिया गया है
