नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके सह-पायलट द्वारा कथित हमला किए जाने के मामले ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया मोड़ ले लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि हमले के आरोपी सह-पायलट का ईरान से संभावित संबंध हो सकता है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि मामले की जांच अभी जारी है।
घटना फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी। रिपोर्टों के मुताबिक, उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया। इस दौरान विमान की ऊंचाई तेजी से नीचे गई। घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और अन्य लोगों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।
ट्रंप ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस में पत्रकारों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूछा कि क्या सह-पायलट के ईरान से किसी तरह के संबंध की जानकारी मिली है। ट्रंप ने कहा कि वह जो जानकारी सुन रहे हैं, उसके आधार पर जवाब हां हो सकता है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले पर अभी काम चल रहा है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर जांच में ईरान की भूमिका सामने आती है तो अमेरिका की ओर से कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने ईरान से कथित संबंध के समर्थन में कोई विस्तृत सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया है।
कौन है सह-पायलट?
सह-पायलट की पहचान आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई है। इजरायली अधिकारियों ने उसे ओमान का नागरिक बताया है। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, घटना के बाद उसे हिरासत में लिया गया और मामले की जांच शुरू की गई। संयुक्त अरब अमीरात ने भी यह पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं कि घटना के पीछे कोई आतंकवादी उद्देश्य या पहले से की गई साजिश थी या नहीं।
घायल होने के बाद भी कैप्टन स्मित ने संभाला मोर्चा
रिपोर्टों के मुताबिक, हमले में कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों ने सह-पायलट को काबू किया। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद कैप्टन मच्छार को चिकित्सा सहायता दी गई।
भारतीय अधिकारियों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर बताई गई है और उन्हें आगे के इलाज के लिए अबू धाबी ले जाया गया है।
174 यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका
इस घटना में विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई थी। विमान के तेजी से नीचे आने के बावजूद स्थिति पर काबू पाया गया और फ्लाइट को सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा गया। रिपोर्टों के मुताबिक विमान में 174 यात्री सवार थे और सभी यात्री सुरक्षित रहे।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वैश्विक नेताओं ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की सराहना की है। गुजरात सरकार ने भी उनके लिए सम्मान की घोषणा की है।
ईरान कनेक्शन पर अभी जांच जारी
फ्लाइट में हुए हमले का मकसद अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है। ट्रंप की ओर से ईरान से संभावित संबंध का संकेत दिए जाने के बाद इस पहलू की भी चर्चा तेज हो गई है, लेकिन फिलहाल इसे जांच में सामने आया अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।
सऊदी अरब, UAE और अन्य संबंधित एजेंसियां घटना की परिस्थितियों, आरोपी के मकसद और संभावित संपर्कों की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हमले के पीछे वास्तविक कारण क्या था और क्या किसी बाहरी संगठन या देश की भूमिका थी।
