Site icon Chhattisgarh 24 News : Daily Hindi News, Chhattisgarh & India News

*मिलावटी पनीर से बचें, सोया पनीर अपनाएं : अशोक चौधरी*

*➡️ घर पर बनाएं सस्ता और पौष्टिक सोया पनीर*

*राजनांदगांव।*

वर्तमान समय में बाजार में केमिकल एवं अन्य मिलावटी पदार्थों से तैयार किए जाने वाले पनीर की बिक्री को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है। इसी को लेकर किसान नेता श्री अशोक चौधरी ने उपभोक्ताओं से मिलावटी पनीर से बचने और घर पर शुद्ध पनीर तैयार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार मिलावटी खाद्य पदार्थों पर अंकुश लगाने के लिए प्रयास कर रही है, बावजूद इसके अधिक मुनाफे के लालच में कुछ व्यवसायियों द्वारा लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
श्री चौधरी ने कहा कि उपभोक्ता थोड़ी सावधानी बरतकर मिलावटी पनीर से आसानी से बच सकते हैं। उन्होंने दूध से घर पर पनीर बनाने के साथ सोया पनीर को बेहतर और किफायती विकल्प बताया। उनके अनुसार सोया पनीर घर पर बेहद आसानी से तैयार किया जा सकता है और परिवार के लिए पौष्टिक आहार का विकल्प बन सकता है। अशोक चौधरी ने बताया कि घर में सोया पनीर बनाने के लिए करीब एक पाव से आधा किलो सोयाबीन को अच्छी तरह साफ कर रातभर पानी में भिगोकर रखें। सुबह इसे मिक्सी में बारीक पीस लें और साफ कपड़े से छान लें। इससे तैयार सोया दूध को अच्छी तरह उबालने के बाद नींबू के रस या उपयुक्त पनीर बनाने वाले पदार्थ से फाड़ा जा सकता है। इसके बाद कपड़े में छानकर दबाने पर सोया पनीर तैयार हो जाता है।उन्होंने बताया कि एक पाव सोयाबीन से पर्याप्त मात्रा में सोया दूध तैयार किया जा सकता है। इसे आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर उबालने के बाद फाड़कर पनीर बनाया जा सकता है। उनका कहना है कि घर में तैयार किया गया सोया पनीर बाजार में मिलने वाले पनीर की तुलना में काफी किफायती पड़ सकता है। अशोक चौधरी ने कहा कि राजनांदगांव सहित पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं। ये समूह सामूहिक रूप से सोया पनीर तैयार कर अपने उपयोग के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर इसकी बिक्री भी कर सकते हैं। इससे समूहों को अतिरिक्त आय का साधन मिल सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि गांवों और मोहल्लों के महिला समूह स्कूलों में भी सोया पनीर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर सकते हैं। मध्यान्ह भोजन में सब्जी या अन्य खाद्य पदार्थों के साथ सोया पनीर का उपयोग कर बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा सकता है। अशोक चौधरी ने कहा कि कुछ समय पूर्व राजनांदगांव में भी पनीर बनाने वाली दुकानों से कथित नकली पनीर पकड़े जाने की घटनाएं सामने आई थीं। ऐसे में लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिन खाद्य पदार्थों को घर में आसानी से और कम खर्च में तैयार किया जा सकता है, उन्हें घर पर बनाने की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बाजार से पनीर खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता का ध्यान रखें तथा संभव हो तो घर पर दूध या सोयाबीन से पनीर तैयार करें। साथ ही उन्होंने महिला समूहों, युवाओं और स्थानीय उद्यमियों से सोया पनीर के उत्पादन को स्वरोजगार के रूप में अपनाने का आह्वान किया। अशोक चौधरी ने कहा कि शुद्ध, पौष्टिक और किफायती खाद्य विकल्पों को बढ़ावा देने से जहां परिवारों के स्वास्थ्य की रक्षा होगी, वहीं स्थानीय महिला समूहों और ग्रामीणों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

राजनांदगांव से दीपक साहू की रिपोर्ट

Exit mobile version