POK में तनाव के बीच सेना की तैनाती, इंटरनेट बंद; स्कूल-हॉस्पिटल सेवाएं प्रभावित
श्रीनगर। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (POK) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की खबर है। इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाएं बंद होने के साथ स्कूलों के संचालन और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ने का दावा किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरूरी सामान और दवाइयों की उपलब्धता को लेकर भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
5 जून से जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में प्रदर्शन जारी बताए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में विधानसभा में कश्मीरियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को समाप्त करने की मांग भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, आंदोलन के दौरान तीन महीने में 100 से अधिक लोगों की मौत होने का दावा किया गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रदर्शन के बाद मुजफ्फराबाद, रावलकोट, पुंछ और कोटली समेत कई क्षेत्रों में इंटरनेट और ब्रॉडबैंड सेवाएं बंद हैं। इसके चलते प्रदर्शन से जुड़ी सूचनाओं का बाहर पहुंचना मुश्किल हो गया है।
प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना है कि वे किसी देश के एजेंट नहीं हैं, बल्कि अपने अधिकारों और स्थानीय मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। वहीं, कई क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने और आवाजाही पर पाबंदियों की भी खबरें सामने आ रही हैं।
स्थिति के बीच सबसे बड़ी चिंता आम लोगों को राशन, दवाइयों, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर बताई जा रही है।