दुर्ग : विगत दिनांक 29 जून 2025 रविवार को कला-साहित्य एवं रंगमंच के लिए समर्पित अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती की प्रांत इकाई छत्तीसगढ़” के दुर्ग जिला इकाई, की वार्षिक साधारण सभा का आयोजन संत श्री गजानन मंदिर हुडको, भिलाई में किया गया। सभा का मुख्य उद्देश्य पिछले वर्ष में हुए उत्सवों तथा गतिविधियों का विवरण सभा के सामने रखना तथा वर्ष 2025 से 2027 अर्थात दो वर्षों के लिए नई कार्यकारिणी के गठन के साथ विधा विभाग संयोजक एवं उसकी टोली सदस्यों की नियुक्ति करना था।
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कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष श्री कीर्ति व्यास तथा कार्यकारी अध्यक्ष श्री अजय डांगे द्वारा श्री नटराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्चन करके किया गया ततपश्चात् उपस्थित सभी सदस्यों ने संस्था के ध्येय गीत ” साधयति संस्कार भारती भारते नवजीवनम,” सामूहिक गाया। उपस्थित सभी सदस्यों के परिचय के बाद महामंत्री हेमंत सगदेव ने पिछले वर्ष अप्रेल 24 से मार्च 25 तक संस्था द्वारा मनाये गए उत्सवों नव संवत्सर,साधारण सभा, गुरु पूर्णिमा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रंगोली प्रशिक्षण व दीपावली मिलन, लोकमाता अहिल्याबाई होलकर त्रिशताब्दी जन्म जयंती वर्ष पर दो समूहों में निबंध प्रतियोगिता व पुरस्कार वितरण कार्यक्रम तथा आर्थिक विवरण की जानकारी दी गई इसके साथ संस्कार भारती संगठन की वर्तमान रीति – नीति की जानकारी दी गई इस अवसर पर अध्यक्ष कीर्ति व्यास जी ने उत्सवों के उद्येश्य और कैसे मनाया तथा संस्कार भारती संगठन के कार्यो तथा अपने अनुभवों को व्यक्त किया।
इसके बाद नये अध्यक्ष का चुनांव हुआl वरिष्ठ संगीतज्ञ व वायलिन वादक श्री कीर्ति जी व्यास पुनः वर्ष 25-27 के लिए अध्यक्ष चुने गए ततपश्चात् अध्यक्ष की अनुमति से नई कार्यकारीणी की घोषणा की गई दो वर्षों के लिए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया श्री अजय डांगे जी को कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया। साथ ही संस्था के संचालन हेतु विभिन्न व्यक्तियों की कई पदों पर नियुक्ति की गई।
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संस्कार भारती संस्था आठ कला विधाओं में कार्य करती है। जिससे समाज के विभिन्न वर्गों में कला के माध्यम से राष्ट्रभक्ति एवं योग्य संस्कार को प्रेषित किया जाए। साथ ही कलाओं के प्रशिक्षण के माध्यम से नवोदित कलाकारों को संस्कारवान बनाना एवं राष्ट्रस्तरीय मंच प्रदान करना है। वर्तमान में संस्था ने पांच कला विभाग बनाये हैं तीन विधाओं संगीत- नाट्य- नृत्य को मिलाकर एक मचीय कला विभाग बनाया हैं। वही लोककला विधा ( लोक साहित्य, लोकनृत्य, लोक परंपरा, लोकसंगीत), एक विधा हैंl चित्रकला, रंगोली और सिनेमा को मिलाकर दृश्य विधा विभाग बनाया हैंl प्राचीनकला, शिल्प कला विधा (पुरातत्व/इतिहास) को कला धरोहर विभाग के अंतर्गत रखा हैं साहित्य विधा ( कविता, नाटक लेखन,कथा, आलेख, उपन्यास), एक विधा है।
इन सभी विधा विभागों के माध्यम से अच्छे कार्यक्रम संचालन हेतु विधा विभागों में सदस्यों को दाईत्व दिये गए। जिनमें मंचीय विधा विभाग में हेमंत सगदेव (संयोजक), श्रीमती माधवी गुजर (सह संयोजक- नाट्य), श्रीमती ज्योति गुप्ता (सह संयोजक- नृत्य), श्री संदीप बोकिलवार ( सह संयोजक- संगीत), श्री निशु पांडे ( नाट्य), श्री माधव कुशवाहा ( संगीत), श्री प्रकाश ताम्रकार (-नाट्य), श्री विजय शर्मा (-नाट्य), श्री कविश गोखले( नाट्य ) श्रीमती मिनी राज (नाट्य), श्रीमती पल्लवी त्रिवेदी (संगीत), श्रीमती मोनिशा मल्होत्रा (संगीत), श्री गिरीश सिंग राजपूत (संगीत), डॉ. ज्योति धारकर (नाट्य एवं संगीत), श्रीमती गर्विता दत्ता( कथक नृत्य), श्रीमती राजेश्वरी देवांगन(भरतनाट्यम नृत्य), दृश्य – श्रव्य कला विभाग (चित्रकला, सिनेमा, रंगोली), श्री रूपेश प्रसाद (संयोजक), श्री मनीष ताम्रकार (सह संयोजक), श्रीमती गीता दीक्षित, श्रीमती संगीता भेलौंडे (सह संयोजक),श्रीमती आभा नेवालकर , सुश्री रोशनी साहू (सह संयोजिका) ।
लोक कला विधा हेतु – श्रीमती पुष्पलता नेताम (संयोजक),श्रीमती सरिता साहू (सह संयोजक),श्री कमल चंद्राकर( सह संयोजक) एवं श्री पुन्नु यादव।
कला धरोहर विधा हेतु – डॉ. ज्योति धारकर (संयोजक) के दाईत्व पर नियुक्ति हुई। सूचना प्रसारण व मीडिया हेतु श्री अविनाश रेवतकर एवं श्री प्रशांत क्षीरसागर को दाईत्व दिये गए। वही अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती प्रशांत कुमार शिरसागर सूचना एवं मीडिया प्रभारी नियुक्ती की गई जिन्हे बधाई एवं शुभकामनाये दी गई।
वही चयन किए गए कार्यकारिणी के समस्त सदस्य अपने क्षेत्र में प्रतिभा के धनी है। सभी का ध्येय संस्कार भारती संस्था के कार्यों एवं उद्देश्य को जन – जन तक पहुंचाना है। जिससे समाज में कला, संस्कृति के प्रति चेतना और देश के प्रति राष्ट्रीय भाव जागृत हो। आगामी उत्सव गुरु पूर्णिमा मनाने हेतु चर्चा की गई।
अंत में पिछले वर्ष में संस्कार भारती परिवार के दिवंगत परिजन, कला तथा साहित्य के दिवंगत कला साधकों को मौन श्रद्धांजलि दी गई। कल्याण मंत्र से सभा का का समापन हुआ। सभा का संचालन हेमंत सगदेव ने किया सभा में अजय डांगे, विकास पांडे, कार्तिक भोसले, माधव कुशवाह, दुर्गा प्रसाद पारकर, शशिकला नायडू, पुष्प लता नेताम, माधवी गुजर, गीता दीक्षित, संजय तनखीवाले, एम आर नायडू, देवेंद्र श्रीवास्तव, पराग भोसले आदि उपस्थित थे।
