प्रशासनिक तत्परता: त्यौहार के दिन भी ज़मीन पर उतरा अमला
हरेली की छुट्टी में भी राजस्व और नगर पालिका अमला मैदान में, फिर हुई नाप-जोख; सड़क के बीच से दोनों ओर 9-9 मीटर होगा चौड़ीकरण
बैकुंठपुर
बैकुंठपुर। लंबे इंतजार, दर्जनों बैठकों और अनगिनत बार की नाप-जोख के बाद आखिरकार कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के मुख्य मार्ग के बहुप्रतीक्षित सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई रंग लाती दिखाई दे रही है। छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक पर्व ‘हरेली’ के सार्वजनिक अवकाश के बावजूद बुधवार को प्रशासनिक अमले की मुस्तैदी शहर में चर्चा का विषय बनी रही। राजस्व विभाग और नगर पालिका का संयुक्त अमला त्यौहार की छुट्टी भूलकर भारी पुलिस बल और तकनीशियनों के साथ सड़क पर उतरा और नाप-जोख की कार्रवाई को अंजाम दिया।
अधिकारियों की इस अचानक और गंभीर तत्परता को देखकर लंबे समय से उपेक्षा का शिकार हो रहे शहरवासियों में सड़क चौड़ीकरण के काम को लेकर एक बार फिर उम्मीद की नई किरण जगी है।
सड़क के केंद्र से 9-9 मीटर का दायरा चिन्हित, दुकानदारों में हलचल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस बार प्रशासन पूरी तैयारी और कड़े रुख के साथ मैदान में उतरा है। संयुक्त अमले ने मुख्य मार्ग के केंद्र (सेंटर पॉइंट) को आधार मानकर सड़क के दोनों ओर 9-9 मीटर (कुल 18 मीटर) की चौड़ाई तय करते हुए नए सिरे से चूना-पैमाइश (मार्किंग) की है।
सीमांकन की इस प्रक्रिया के दौरान सड़क के दोनों ओर निर्मित पक्के व कच्चे निर्माण, दुकानों के बाहर निकले शेड और अवैध कब्जों को चिन्हित किया गया है। अचानक हुई इस नाप-जोख से मुख्य मार्ग के व्यापारियों और दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। कई व्यापारी अपनी दुकानों की सीमा मापते नजर आए, तो कुछ ने स्वेच्छा से ही अपना सामान पीछे हटाना शुरू कर दिया है।
दर्जनों बार नाप-जोख, फाइलों में दबकर रह जाती थीं योजनाएं
बैकुंठपुर शहर के इस मुख्य मार्ग को चौड़ा करने की मांग बीते एक दशक से की जा रही है। शहर के बुजुर्गों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पिछले कई वर्षों में सड़क के दोनों ओर दर्जन भर से अधिक बार राजस्व और नगर पालिका अधिकारियों ने फीता लेकर नाप-जोख की है। लेकिन हर बार यह प्रक्रिया महज कागजी खानापूर्ति और फाइलों के पुलिंदों तक सीमित होकर रह जाती थी।
सीमांकन के बाद मामला ठंडे बस्ते में चले जाने से शहरवासियों में गहरा असंतोष, आक्रोश और प्रशासनिक दावों के प्रति असमंजस बना हुआ था। लोग इसे केवल चुनावी मुद्दा या प्रशासनिक औपचारिकता मानने लगे थे।
सोशल मीडिया पर युवाओं ने छेड़ी थी मुहिम, सरकार तक पहुंची गूंज
चौड़ीकरण की फाइलें धूल खाती देख हाल ही में शहर के युवाओं और जागरूक नागरिकों ने शासन-प्रशासन की नींद उड़ाने के लिए सोशल मीडिया को हथियार बनाया। युवाओं ने फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर “चौड़ा सड़क – सुरक्षित बैकुंठपुर” जैसे अभियानों के जरिए मुख्य मार्ग के बदहाल ट्रैफिक और बार-बार की नाप-जोख पर सवाल खड़े किए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस जन-मुहिम ने जिला प्रशासन पर भारी नैतिक दबाव बनाया। देखते ही देखते यह जन-आकांक्षा का मुद्दा बन गया, जिसके परिणामस्वरूप त्यौहार के दिन भी प्रशासनिक अधिकारियों को अवकाश छोड़कर जमीनी धरातल पर उतरना पड़ा।
विधायक के प्रयास से बजट स्वीकृत, पर क्रियान्वयन में हो रही थी देरी
उल्लेखनीय है कि स्थानीय विधायक भैयालाल राजवाड़े की पहल और सतत प्रयासों से बैकुंठपुर शहर के मुख्य मार्ग के कायाकल्प और चौड़ीकरण के लिए राज्य सरकार के बजट में वित्तीय स्वीकृति काफी पहले मिल चुकी थी। बजट और धनराशि आबंटित होने के बावजूद जमीनी स्तर पर अतिक्रमण हटाने और निर्माण शुरू करने में हो रही लेट-लतीफी से स्थानीय नागरिक बेहद निराश थे। हालांकि, बुधवार की इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब योजना के जल्द धरातल पर उतरने के ठोस आसार नजर आ रहे हैं।
प्रतिदिन के ट्रैफिक जाम और हादसों से मिलेगी मुक्ति
बैकुंठपुर जिला मुख्यालय का मुख्य मार्ग वर्तमान में संकरा होने के कारण भीषण यातायात दबाव झेल रहा है। व्यस्त घंटों के दौरान यहाँ एम्बुलेंस, स्कूली बसों और यात्री वाहनों का फँसना आम बात हो चुकी है। संकरी सड़क और बेतरतीब पार्किंग के कारण आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
सड़क के दोनों ओर 9-9 मीटर चौड़ीकरण हो जाने से:
- शहर को सुगम और निर्बाध यातायात की सुविधा मिलेगी।
- सड़क हादसों में काफी हद तक कमी आएगी।
- जिला मुख्यालय के सौंदर्य और व्यापारिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी।
आगे की राह: अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक तैयारी
राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस नाप-जोख के बाद अब चिन्हित किए गए लाल निशानों के आधार पर अवैध कब्जाधारियों और मकान-दुकान मालिकों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद तय समय-सीमा के अंदर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
अब पूरे बैकुंठपुर शहर की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस बार यह नाप-जोख अंतिम साबित होगी, या फिर पूर्व की तरह मामला केवल निशानों तक ही सीमित रह जाएगा? नागरिक उम्मीद जता रहे हैं कि इस बार प्रशासन अपने सख्त रुख पर कायम रहते हुए जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराएगा।