भिलाई में आध्यात्म, मानव सेवा और सामाजिक जागरण का विराट संगम: संत रामपाल जी महाराज के विशाल सत्संग में उमड़ा जनसैलाब, रक्तदान महाशिविर में लगभग 301 यूनिट रक्तदान।
B. R. SAHU CO-EDITOR
Cg24News-R :-महिला महाविद्यालय सेक्टर-09 में आयोजित जिला स्तरीय विशाल सत्संग में हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता, सभी प्रमुख धर्मग्रंथों पर आधारित आध्यात्मिक प्रवचन, रक्तदान, नशामुक्ति, दहेजमुक्ति और जनकल्याण के संदेशों पर रहा विशेष जोर।
भिलाई, 2 अगस्त 2026। महिला महाविद्यालय, सेक्टर-09, भिलाई में रविवार को संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में एक दिवसीय जिला स्तरीय विशाल सत्संग समारोह एवं स्वैच्छिक रक्तदान महाशिविर का भव्य आयोजन किया गया। आध्यात्मिक जागरण, मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व को समर्पित इस कार्यक्रम में दुर्ग संभाग सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, अनुशासन, सेवा-भाव और सामाजिक समरसता का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण विशाल स्वैच्छिक रक्तदान महाशिविर रहा, जिसमें महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए लगभग 301 यूनिट रक्तदान किया। रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों की सहायता और समाज में मानवता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। चिकित्सकों की निगरानी में आयोजित इस शिविर में सभी आवश्यक स्वास्थ्य मानकों का पालन करते हुए रक्त संग्रह किया गया। विशाल सत्संग में संत रामपाल जी महाराज के आध्यात्मिक प्रवचनों के आधार पर श्रीमद्भगवद्गीता, चारों वेद, पुराण, पवित्र कुरान शरीफ, बाइबल, श्री गुरु ग्रंथ साहिब तथा अन्य संत-महापुरुषों की वाणियों का उल्लेख करते हुए आध्यात्मिक जीवन, नैतिक मूल्यों, सदाचार, गुरु के महत्व तथा शास्त्रसम्मत भक्ति-विधि पर विचार प्रस्तुत किए गए। प्रवचनों में यह भी कहा गया कि समाज में शांति, सद्भाव और नैतिकता की स्थापना के लिए आध्यात्मिक जागरूकता आवश्यक है। आयोजन में संत रामपाल जी महाराज के सामाजिक उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला। संत रामपाल जी महाराज जी के आध्यात्मिक विचारधार में उनके अनुयायियों के बीच नशामुक्त समाज, दहेजमुक्त विवाह, भ्रूणहत्या पर प्रतिबन्ध, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की सहायता, असहाय लोगों के लिए भोजन, वस्त्र, शिक्षा, चिकित्सा और आवास जैसी आवश्यकताओं में सहयोग तथा किसानों और गरीब लाचार वर्ग के हित में संचालित अन्नपूर्णा मुहिम जैसे सेवा कार्यों को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जाता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से सामाजिक कुरीतियों से दूर रहकर सद्भाव, सहयोग और सेवा की भावना के साथ जीवन जीने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी सेवा और परोपकार को जीवन का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए रक्तदान जैसे जनहितकारी कार्यों में नियमित सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया। आयोजन स्थल पर अनुशासित व्यवस्था, स्वच्छता और स्वयंसेवकों की सेवा-भावना ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर जिला दुर्ग के कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी, डॉ. शरद पटनाकर, जिला चिकित्सालय दुर्ग के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. संत राम चुरेंद्र तथा सिविल सर्जन डॉ. आशीषण कुमार मिंज सहित अनेक प्रशासनिक एवं चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने रक्तदान महाशिविर और समाजोपयोगी गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों में सेवा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन में राज्य संयोजक भगत दुष्यंत दास जी, दुर्ग संभाग संयोजक भगत सनत दास जी तथा जिला संयोजक भगत खेमेंद्र दास जी सहित बड़ी संख्या में सेवादारों की उपस्थिति रही । हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बावजूद पूरे आयोजन का संचालन सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से किया गया।
महिला महाविद्यालय सेक्टर-09 में आयोजित जिला स्तरीय विशाल सत्संग में हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता, सभी प्रमुख धर्मग्रंथों पर आधारित आध्यात्मिक प्रवचन, रक्तदान, नशामुक्ति, दहेजमुक्ति और जनकल्याण के संदेशों पर रहा विशेष जोर।
भिलाई, 2 अगस्त 2026। महिला महाविद्यालय, सेक्टर-09, भिलाई में रविवार को संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में एक दिवसीय जिला स्तरीय विशाल सत्संग समारोह एवं स्वैच्छिक रक्तदान महाशिविर का भव्य आयोजन किया गया। आध्यात्मिक जागरण, मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व को समर्पित इस कार्यक्रम में दुर्ग संभाग सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, अनुशासन, सेवा-भाव और सामाजिक समरसता का वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण विशाल स्वैच्छिक रक्तदान महाशिविर रहा, जिसमें महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए लगभग 301 यूनिट रक्तदान किया। रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों की सहायता और समाज में मानवता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। चिकित्सकों की निगरानी में आयोजित इस शिविर में सभी आवश्यक स्वास्थ्य मानकों का पालन करते हुए रक्त संग्रह किया गया। विशाल सत्संग में संत रामपाल जी महाराज के आध्यात्मिक प्रवचनों के आधार पर श्रीमद्भगवद्गीता, चारों वेद, पुराण, पवित्र कुरान शरीफ, बाइबल, श्री गुरु ग्रंथ साहिब तथा अन्य संत-महापुरुषों की वाणियों का उल्लेख करते हुए आध्यात्मिक जीवन, नैतिक मूल्यों, सदाचार, गुरु के महत्व तथा शास्त्रसम्मत भक्ति-विधि पर विचार प्रस्तुत किए गए। प्रवचनों में यह भी कहा गया कि समाज में शांति, सद्भाव और नैतिकता की स्थापना के लिए आध्यात्मिक जागरूकता आवश्यक है। आयोजन में संत रामपाल जी महाराज के सामाजिक उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला। संत रामपाल जी महाराज जी के आध्यात्मिक विचारधार में उनके अनुयायियों के बीच नशामुक्त समाज, दहेजमुक्त विवाह, भ्रूणहत्या पर प्रतिबन्ध, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की सहायता, असहाय लोगों के लिए भोजन, वस्त्र, शिक्षा, चिकित्सा और आवास जैसी आवश्यकताओं में सहयोग तथा किसानों और गरीब लाचार वर्ग के हित में संचालित अन्नपूर्णा मुहिम जैसे सेवा कार्यों को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया जाता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से सामाजिक कुरीतियों से दूर रहकर सद्भाव, सहयोग और सेवा की भावना के साथ जीवन जीने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी सेवा और परोपकार को जीवन का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए रक्तदान जैसे जनहितकारी कार्यों में नियमित सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया। आयोजन स्थल पर अनुशासित व्यवस्था, स्वच्छता और स्वयंसेवकों की सेवा-भावना ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर जिला दुर्ग के कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी, डॉ. शरद पटनाकर, जिला चिकित्सालय दुर्ग के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. संत राम चुरेंद्र तथा सिविल सर्जन डॉ. आशीषण कुमार मिंज सहित अनेक प्रशासनिक एवं चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने रक्तदान महाशिविर और समाजोपयोगी गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों में सेवा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन में राज्य संयोजक भगत दुष्यंत दास जी, दुर्ग संभाग संयोजक भगत सनत दास जी तथा जिला संयोजक भगत खेमेंद्र दास जी सहित बड़ी संख्या में सेवादारों की उपस्थिति रही । हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बावजूद पूरे आयोजन का संचालन सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से किया गया।