गुरुदेव – देश आज अपना 73वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड कोरोना प्रोटोकॉल के साथ आयोजित की जा रही है. इस मौके पर देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीनो सेनाओं का सैल्यूट स्वीकार किया।
आपको बता दें कि देश की तीनों- थल सेना, वायु सेना और नौसेना का सैल्यूट करने का तरीका अलग-अलग है. इसकी एक खास वजह है।
आइये जानते हैं कौन सी सेना किस तरह करती है सैल्यूट और क्या है तीनों में फर्क।
इंडियन आर्मी यानी थल सेना- का सैल्यूट पूरी हथेली दिखाकर किया जाता है.
सैल्यूट के वक्त हाथ का पूरा पंजा सामने दिखाया जाता है. इसमें सभी ऊंगलियां खुली रहती हैं और अंगूठा सिर और आईब्रो के बीच में रहती हैं।
इंडियन नेवी – यानी नौसेना का सैल्यूट आर्मी सैल्यूट से अलग होता है.
हथेली दिखाई नहीं देती. हाथ पूरी तरह से नीचे की ओर मुड़ा होता है. अंगूठे की स्थिति माथे पर सिर और आईब्रो के बीच ही रहती है।
इंडियन एयर फोर्स – यानी वायु सेना का सैल्यूट पहले आर्मी की तरह ही होता है,
लेकिन 2006 में एयर फोर्स ने अपने जवानों के सैल्यूट के नए फॉर्म तय किए थे. सैल्यूट के दौरान हाथ और जमीन के बीच 45 डिग्री का कोण बनता है. सैल्यूट करते हुए वायु सेना आसमान की ओर अपने कदम को दर्शती है।
