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24 घंटे में देश में 6,563 नए केस, भारत में 153 ओमिक्रॉन-फिर भी जनता लापरवाह

देश में बढ़ने लगी है ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले, महाराष्ट्र में हालात भयावह, बड़ रही मरीजों की मौत, वैक्सीन लगाने के बाद भी जनता कर रही लापरवाही 

नई दिल्ली: भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस से संक्रमण के 6,563 नए मामले सामने आए और 132 मरीजों की मौत दर्ज हुई इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 3,47,46,838 हो गई है। इनमें से 4,77,554 लोगों की मौत हुई है। सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 82,267 रह गई है। देश में ओमिक्रॉन वेरिएंट के 153 मामले सामने आ चुके हैं और सरकार ने इसके प्रसार को देखते हुए लोगों से सावधान रहने को कहा है।



ओमिक्रॉन से शेयर बाजार धड़ाम
बतादे की सप्ताह के पहले दिन सोमवार को शेयर बाजार  की शुरुअत भारी गिरावट के साथ हुई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स आज 494 अंकों के नुकसान के साथ 56,517के स्तर पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी ने 16824 के स्तर से आज के दिन के कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 268.60 अंकों की गिरावट के साथ 16,716.60 के स्तर पर था तो सेंसेक्स 1074.89 अंक फिसलकर 55,936.85 के स्तर पर आ गया। सेंसेक्स में विप्रो, सन फार्मा और एशियन पेंट्स को छोड़ सभी स्टॉक्स लाल निशान पर थे।
कोविड महामारी की स्थिति पर कड़ी नजर
रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा, ”किसी अन्य बड़ी घटना के अभाव में वैश्विक संकेत हमारे बाजार के रुझान को तय करेंगे। नए स्वरूप के कारण प्रतिभागी कोविड महामारी की स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं और इससे संबंधित सूचनाएं आने वाले दिनों में अस्थिरता पैदा करती रहेंगी।”मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के खुदरा अनुसंधान, ब्रोकिंग और वितरण के प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ”नकारात्मक वैश्विक संकेत, एफआईआई की लगातार बिकवाली, किसी सकारात्मक संकेत के न होने और ओमीक्रोन के बढ़ते मामलों से बाजार पर दबाव जारी रहने की आशंका है।


मार्च से बॉन्ड खरीद को कर देगा खत्म
स्वास्तिक इंवेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ”मुख्य रूप से वैश्विक बाजार, ओमिक्रॉन स्वरूप, डॉलर सूचकांक और एफआईआई के रुझानों से इस सप्ताह बाजार की चाल तय होगी।” पिछले हफ्ते अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने कहा था कि वह मार्च से बॉन्ड खरीद को खत्म कर देगा, और उसने इसके बाद उधारी दर में बढ़ोतरी का दौर शुरू होने के संकेत भी दिए।
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