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सामाजिक बहिष्कार का दंश झेल रहे व्यक्ति ने पुलिस विभाग में की शिकायत

गरियाबंद। कतिपय विभिन्न जातिगत सामाजिक संगठनों में जब से ,सत्यनिष्ठा ,समर्पण ,दूरदृष्टि जैसे गुणों की अवहेलना कर ,सम्पन्न धनाढ्यों को महिमा मंडित करने की परंपरा आई है, तब से सामाजिक एक जुटता ,सामूहिक विकास ,आर्थिक सामाजिक उन्नति की जगह , कुछ समाजों में अनर्गल विवाद, मनमुटाव ,विघटन और बिखराव की स्थितियॉ उत्तपन्न होने लगी है। हम ये नही कहते कि हर जगह यही स्थिति है या सभी धनी सम्पन्न व्यक्तित्व अवगुणों से भरा है, किंतु लगभग आज की परिस्थियां ऐसा ही आभास कराती है।

गजेंद्र सिंह सिन्हा का परिवार

कुछ ऐसे ही कारणों से देवभोग थाना क्षेत्र के ग्राम छैलडोंगरी निवासी गजेंद्र सिन्हा इन दिनों सपरिवार सामाजिक प्रताड़ना का दंश झेल रहे हैं। कारण बस इतना है कि अपने सुपुत्र के विवाह उपलक्ष्य पर उन्होंने अपने परिचितों ,दोस्तों या समाज से इतर अपने पारिवारिक शुभचिंतकों को व्यवहारिक दृष्टिकोण से भोज पर आमंत्रित किया , और इस सामूहिक भोज के अवसर पर आमिष व्यंजन परोसा।
गजेंद्र सिन्हा के अनुसार उन्होंने विवाह के अवसर पर समाज के लोगों को जिस सामूहिक भोज में आमंत्रित किया था उसमें आमिष भोज की व्यवस्था नही की गई थी। इसके बाद समाज से ईतर अन्य परिचितों ,दोस्तों ,शुभचिंतकों को विशेष पार्टी में आमंत्रित किया था। गजेंद्र सिन्हा के अनुसार ये उनकी व्यक्तिगत स्वंत्रता है और अब समाज के कुछ लोग इसी कारण उनका व उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर रहे हैं। इतना ही नही उन्हें लगातार सार्वजिनक तौर पर अपमानित भी किया जा रहा है।
समाज के कुछ लोगों की गुटबाजी के चलते गजेंद्र सिन्हा पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया और उन्हें समाज के ग्राम प्रमुख पद से पदच्युत कर दिया गया जबकि गजेंद्र इस पद पर निर्वाचित हुये थे।
गजेंद्र कहते कि मेरे संवैधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है ,समाज के नाम पर कुछ लोगों की गुटबाजी की वजह से उन्हें अब स्वजातीय शादी ब्याह या अन्य आयोजनों पर आमंत्रित नही किया जाता।
इस मामले को लेकर गजेंद्र सिन्हा अब कानूनी कार्यवाही की बात कर रहे हैं , उन्होंने थाना प्रभारी देवभोग के नाम आवेदन दिया है, जिसमें समाज के 22 लोगों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की गई है। इसी तरह का एक आवेदन गजेंद्र सिन्हा द्वारा पुलिस अधीक्षक के समक्ष भी प्रस्तुत किया गया है।

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