✍️ मैनपुर संवाददाता हेमचंद नागेश की रिपोर्ट
गरियाबंद:- गरियाबंद जिला अंतर्गत मैनपुर विकास खण्ड के ग्राम पंचायत ढोढरा में सरपंच एवम सचिव द्वारा विभिन्न निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपए का गबन किया गया है जिसका लिखित आवेदन लेकर केदार सिन्हा पिता रुस्तम सिन्हा पहुंचा जिला प्रशासन के पास केदार सिन्हा जी का कहना है की ग्राम पंचायत में मेरे अलावा और अन्य लोग भी मुरूम ढुलाई का कार्य किए हैं और यह कार्य सन 2020/21 का है जिसका कुल राशि 184800 रू भुगतान नहीं मिला जबकि इसका राशी आहरण हो गया है और मनरेगा योजना में भी मुरूम ढुलाई कार्य कराया गया है जिसका कुल राशि 144500 रू अभी तक नहीं मिला और ग्राम पंचायत में रंगमंच निर्माण कार्य पर दिए गए सीमेंट छड़ गिट्टी रेती बोल्डर ईट एवम सोखता गढ्ढा कार्य एवम अन्य कार्य का कुल राशी 198000 रू शेष है कूड़ा दान के नाम पर लाखों रुपए का गबन नाली सफाई कार्य के नाम पर भी फर्जी आहरण इस तरह 14वें वित्त 15 वें वित्त मूलभूत ,एस.बी.एम. एवम मनरेगा जैसे कार्यों में भी जमकर फर्जी मस्टररोल भरकर आहरण किया गया है एवम मनरेगा योजना से कराए गये निर्माण कार्यों का फर्जी हाजरी भर कर जन प्रतिनिधि एवम उनके पति को आर्थिक लाभ पुहुचाया गया जिसका जिम्मेदार रोजगार सहायक सविच. ग्राम पंचायत सचिव व सरपंच है । जिसका लिखित आवेदन अर्जुन सिन्हा ने दिया था जिसमें दिनाँक 08/10/2022 को जनपद पंचायत मैनपुर से जॉच टीम आया था। जिसमे सहायक विस्तार विकास अधिकारी श्री – डी.पी. साहू एवम 1 सहयोगी आये थे। रोजगार सहायक के द्वारा जांच दल को पूरा दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराई जा सकी जिसके कारण जॉच लंबित है परंतु ग्रामीणों ने बताया की हमारे ग्राम में मनरेगा योजना में कार्य पर बदले में बच्चो से भी काम कराये जाता है। और उनके परिवार के बड़ो के नाम हाजरी लगवाई जाती है और उपसरपंच और उसके पति का भी हाजरी लगवाई है जो गंभीर विषय है इस तरह भारी मात्रा में लीपा पोती कर शासकीय राशि का बंदरबांट किया गया है जिसका निष्पक्ष एवम जमीनी हकीकत जानने को सार्वजनिक जांच की मांग किया गया है केदार सिन्हा बताते हैं कि ग्राम पंचायत में जो कार्य कराया ही नहीं गया है उसका भी बिल लगा है। जो कार्य को 7 हजार रूपए में ठेके पर कराये गया है उसका 10 गुना से भी अधिक राशि आहरण किया गया है वर्तमान में बं डी वाल उप सरपंच के पति से काम करा ये जा रहा है। पंचायत राज अधिनियम 37 का उल घां न करते करे हु ये । पंचायत में पत्नी के स्थान पर पति काम करता है ऐसा केदार सिन्हा बताया। अ ब देखना यह है कि इस जांच के बाद ।सरपंच सचिव एवम रोजगार सहा. सचिव को कार्यवाही कर आवेदक को न्याय दिलाने में कितना समय लगाती है।
