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विशेष पिछड़ी जनजाति कमार आदिवासी ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर खुद निर्माण किया एक झोपडी, प्रथामिक शाला का हो रहा है संचालन

✍️मैनपुर संवाददाता हेमचंद नागेश की रिपोर्ट 

मैनपुर- विकासखण्ड के ग्राम पंचायत घुमरापदर के आश्रित ग्राम माकरखलिया गांधीनगर जंगल के भीतर बसा है, यहा निवास करने वाले विशेष पिछडी जनजाति कमार एंव आदिवासियों ने अपने बच्चों को पढाने के लिए झोपडी बनाई है, और इसे बनाने के लिए यहा निवास करने वाले लोगो ने आपस में चंदा किया है, और तो और यहा के ग्रामीण इस झोपडी स्कूल में कुल 32 छात्र छात्राओ को शिक्षा देने के लिए गांव में ही स्वंय चंदा एकत्र कर एक प्राईवेट शिक्षक का भी व्यवस्था किया है जो बच्चों को पढाई करवाते है और तो और ग्रामीण बच्चाें को माध्यन भोजन भी अपने खर्चे पर दे रहे हैं ग्राम के वरिष्ठ एंव समिति के अध्यक्ष सुकलाल सोरी ग्रामीण भजन मरकाम नारायण सोरी ने प्रेस वार्तालाप पर छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ को बताया कि गांव में स्कूल की मांग को लेकर गरियाबंद जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत एंव स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय टेकाम से मुलाकात कर स्कूल खोलने की मांग किये थे, स्कूल के सामने ग्रामीणो ने बकायदा मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की तस्वीर भी लगाया है। सरकारी रिकार्ड में नही है स्कूल, मैनपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत घुमरापदर के आश्रित ग्राम छोटे डोंगरी माकर खलिया गांधीनगर में ग्रामीणों द्वारा जो स्कूल का संचालन किया जा रहा है वह शासकीय रिकार्ड में नही है, इसके बावजूद भी ग्रामीण इस स्कूल का संचालन कर रहे हैं।छात्रों को गणवेश और पुस्तक शिक्षा विभाग से उपलब्ध कराई गई है।

गरियाबंद जिला शिक्षा अधिकारी करमन खटकर ने प्रेस वार्तालाप पर छत्तीसगढ़ 24 न्यूज़ को बताया कि ग्रामीणो के माध्यम से पता चला है कि माकरखलिया गांधीनगर में ग्रामीणों द्वारा स्कूल का संचालन किया जा रहा है, पता चलते ही सबसे पहले यहा अध्यनरत छात्र छात्राओं को गणवेंश एंव पुस्तक शिक्षा विभाग द्वारा दिया गया है, साथ ही एक शिक्षक की भी व्यवस्था किया जायेगा , उन्होने आगे कहा कि ग्रामीणो की मांग पर स्कूल खोलने के लिए शासन स्तर पर कार्यवाही किया जायेगा

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