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मां दुर्गा की इस नवरात्रि में माता रानी की क्या होगी सवारी खबरें पढ़ें विस्तार से

✍️जिला संवाददाता विक्रम कुमार नागेश गरियाबंद 

गरियाबंद-शारदीय नवरात्रि शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं. शारदीय नवरात्रि प्रतिवर्ष अश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवमी तक मनाई जाती है। इस बार शारदीय नवरात्रि 26 सितंबर से शुरू होकर 5 अक्टूबर 2022 तक चलेगी। इस दौरान प्रतिदिन मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाएगी। हर साल मां दुर्गा किसी न किसी सवारी पर आती हैं। इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर भक्तों के घर जाएंगी। आइए जानते हैं कैसे तय होती है मां की सवारी और नवरात्र में मां की सवारी क्या संकेत दे रही है।

कैसे तय होती है माता रानी की सवारी?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रविवार या सोमवार से जब नवरात्र शुरू होते हैं तो मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। गुरुवार या शुक्रवार को नवरात्र शुरू हो तो पालकी पर माता रानी का आगमन होता है। यानी मां की सवारी पालकी है। इसके साथ ही अगर शनिवार या मंगलवार से नवरात्र शुरू हो जाए तो माता घोड़े पर सवार होकर आती हैं। वहीं अगर बुधवार से नवरात्र शुरू हो जाए तो नाव पर मां दुर्गा का आगमन होता है. मां दुर्गा की हर सवारी का अलग महत्व है। इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी, क्योंकि सोमवार से नवरात्र शुरू हो रहे हैं।

क्यों खास है हाथी की सवारी

जब मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं तो बारिश की संभावना बहुत बढ़ जाती है। प्रकृति में चारों तरफ हरियाली का नजारा है। प्रकृति की सुंदरता देखने लायक है। साथ ही फसलें बहुत अच्छी होती हैं। इसके अलावा जब माता रानी हाथी पर सवार होकर आती हैं तो अन्न और धन का भंडार भर देती हैं। साथ ही धन-धान्य में वृद्धि होती है। शास्त्रों में देवी दुर्गा का हाथी या नाव पर सवार होकर आना उपासकों के लिए शुभ माना गया है।

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