*मजदूर और किसान आज भी दमन और शोषण के शिकार बने हुए हैं*
*किसान अपनी उपज के वाजिब दाम और मजदूर अपने श्रम के वाजिब पारिश्रमिक के लिये आज भी संघर्ष कर रहे हैं*
छत्तीसगढ़ श्रमिक मंच द्वारा मई दिवस के पूर्व संध्या में आज दुर्ग ब्लाक के बिरेझर गांव में *मजदूर किसान एकता दिवस* का आयोजन किया गया,
कार्यक्रम में उपस्थित किसानों और मजदूरों को मई दिवस की महत्ता बताते हुए छत्तीसगढ़ श्रमिक मंच के अध्यक्ष एड. राजकुमार गुप्त ने कहा कि यह अमेरिका के शिकागो शहर के मजदूरों के संघर्ष और कुर्बानी का परिणाम है कि आज मजदूरों को न केवल संगठित होने का अधिकार मिला है बल्कि श्रम के लूट और शोषण के खिलाफ संगठित संघर्ष करने का हौसला भी मिला है,
उन्होंने आगे कहा कि आज देश और प्रदेश में जनता की चुनी हुई सरकारें हैं इसके बाद भी किसानों को अपनी उपजों का लाभकारी दाम और श्रमिकों को अपने श्रम का उचित पारिश्रमिक पाने के लिये संघर्ष करना पड़ रहा है,
“किसान मजदूर एकता दिवस” में उपस्थित किसानों और मजदूरों को संबोधित करते हुए मंच के दुर्ग ब्लाक के अध्यक्ष ढालेश साहू ने कहा कि मनरेगा कानून में केंद्र सरकार ने 100 दिन और राज्य सरकार ने 50 दिनों का काम देने की गारंटी खुद दिया है लेकिन सरकारों ने किसी भी साल में निर्धारित दिनों का काम न देकर खुद कानूनों का सम्मान नहीं किया है, इसी प्रकार सरकारों ने आवासहीनों को आवास और जरूरत मंदों को पेंशन देने का वायदा किये हैं किंतु हर गांव में सैकड़ों जरूरत मंद हैं जो आवास और पेंशन के लिये सालों से भटक रहे हैं ।
*नदी के किनारे में बसे होने के बावजूद गांव पानी के लिये तरस रहा है*
छत्तीसगढ़ श्रमिक मंच के “किसान मजदूर एकता दिवस” में शामिल किसानों और मजदूरों ने बताया कि बिरेझर शिवनाथ नदी के किनारे बसा गांव है किन्तु हर साल गर्मी में गांव के तालाब सूख जाते हैं और भूजल स्तर नीचे चले जाने के कारण बोर और हेंडपंप जवाब देने लग जाते हैं पीने के पानी के लिये ग्रामीणों को काफी जद्दोजहद करना पड़ता है किंतु सरकार और निर्वाचित जन प्रतिनिधि नदी का पानी लिफ्ट करके गांव तक पहुंचाने के लिये कोई प्रयास नहीं करते हैं,
ग्रामीणों ने संकल्प लिया है कि अब अन्याय नहीं सहेंगे न चुप बैठेंगें हर अन्याय, शोषण, उपेक्षा और भेदभाव के खिलाफ एकजुट संघर्ष करेंगे, कार्यक्रम को मंच के खोमेंद्र साहू ने भी संबोधित किया ।
ढालेश साहू, खोमेंद्र साहू,
एड. राजकुमार गुप्त
