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पाकिस्तान में गहराया सियासी संकट, सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा आज रात 8 बजे फैसला

शाहबाज शरीफ ने कहा कि इमरान की सरकार 174 वोटों पर टिकी थी, हमारे पास 177 सदस्य हैं. उन्होंने कहा कि हम संविधान को बहाल करेंगे और लोगों के लिए अपना खून-पसीना बहाएंगे

नई दिल्ली: राजनीतिक संकट के बीच पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी कर ली गई है. सुप्रीम कोर्ट आज रात 8 बजे इस पर फैसला सुनाएगा. सुप्रीम कोर्ट में पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति के पत्र का जवाब दिया है. चुनाव आयोग ने कहा है कि अक्टूबर 2022 में आयोग चुनाव कराने के लिए तैयार है. संविधान और कानून के अनुसार परिसीमन के लिए 4 महीने और लगेंगे. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आम चुनाव पर महत्वपूर्ण परामर्श के लिए राष्ट्रपति के साथ बैठक बुलाएं।
यह सुनवाई डिप्टी स्पीकर के उस आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर हो रही थी, जिसमें इमरान सरकार के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया था. इसके बाद ही पाकिस्तान की संसद को भी भंग कर दिया गया था और 90 दिनों के अंदर चुनाव कराने की मांग हुई थी।



शाहबाज शरीफ ने कहा कि इमरान की सरकार 174 वोटों पर टिकी थी, हमारे पास 177 सदस्य हैं. उन्होंने कहा कि हम संविधान को बहाल करेंगे और लोगों के लिए अपना खून-पसीना बहाएंगे. उन्होंने कहा कि मैं कोई राजनीतिक आरोप नहीं लगाऊंगा, मैं आज भी कहता हूं कि अर्थव्यवस्था के चार्टर पर हस्ताक्षर करो. शाहबाज शरीफ ने कहा कि संसद अपना काम करे, इसके लिए संसद के सदस्यों को फैसला करने की अनुमति दी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि लोग भूखे हैं तो देश को कायदे का पाकिस्तान कैसे कह सकते हैं?

जस्टिस जमाल मंडोखेल ने कहा कि विपक्ष पहले दिन से चुनाव कराना चाहता था. इसके जवाब में पाकिस्तान नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने कहा कि मुद्दा संविधान तोड़ने का है. इसके बाद जस्टिस मंडोखेल ने कहा कि अगर ऐसा है तो हम संविधान की मरम्मत करेंगे।

सुनवाई के दौरान पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा कि पूरा मामला जनहित से जुड़ा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की राजनीति पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करुंगा. साथ ही उन्होंने अटॉर्नी जनरल से पूछा कि 2013 के चुनाव में आपके पास कितनी सीटें थीं? जिस पार्टी को बहुमत मिलता है, वही फायदे में रहता है। सुनवाई के दौरान पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस उमर अता बंदियाल ने साफ कहा है कि एक बात साफ है, रोलिंग गलत है. इसके जवाब में पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि मैं रोलिंग का बचाव नहीं कर रहा हूं, मैं राष्ट्रीय सुरक्षा समिति को जानकारी देने के लिए तैयार हूं।



दलीलें सुनने के बाद चीफ जस्टिस ने कहा कि संविधान इस बात का अधिकार देता है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सके. वहीं जस्टिस Muneeb Akhtar ने कहा स्पीकर सदन का केयरटेकर है. वह सिर्फ व्यक्तिगत संतुष्टि के लिए वहां नहीं बैठा रह सकता. वह अपनी निजी राय देकर बाकी सदस्यों से गुडबाय नहीं कह सकता. जज ने यह भी कहा कि डिप्टी स्पीकर ने अपना काम ठीक से नहीं किया. चीफ जस्टिस ने आगे कहा कि जाहिर तौर पर उनका फैसला गलत था।
कोर्ट में अटॉर्नी जनरल ने कहा है कि अविश्वास प्रस्ताव पर वोट डालना किसी संसद सदस्य का मौलिक अधिकार नहीं है. वोटिंग का राइट संविधान और विधानसभा नियमों में आता है. अगर कोई स्पीकर किसी सदस्य को सस्पेंड कर देता है तो वह कोर्ट आकर इसकी बहाली नहीं करा सकता है।



कोर्ट में स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के वकील Naeem Bukhari ने आज दलील दी. उन्होंने कहा कि संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाने को मंजूरी मिलने का मतलब यह नहीं होता कि उसको खारिज नहीं किया जा सकता. स्पीकर के पास इसे खारिज करने का अधिकार है. वह बोले कि कोर्ट भी तो याचिकाओं को मंजूरी देता है और बाद में उनको खारिज करता है।
सुनवाई के दौरान पाकिस्तान के चीफ जस्टिस ने बड़ी टिप्पणी की है. चीफ जस्टिस ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम में 90 दिनों के लिए देश को बेसहारा छोड़ दिया गया है. बता दें कि पाकिस्तान की संसद भंग कर दी गई है और 90 दिनों के अंदर वहां चुनाव होने हैं। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले विपक्षी पार्टियों ने कहा कि इमरान खान के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करना सीधा संसद पर हमले जैसा है. डिप्टी स्पीकर का यह असंवैधानिक फैसला लोकतंत्र पर हमले जैसा है।

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