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पवन कुमार साहू ट्रैक्टर में जुगाड़ लगाकर लकड़ी फाड़ते हैं

पाटन विधानसभा में आने वाले गांव ग्राम पंचायत पहन्दा आ में एक किसान पुत्र ने कृषि संबंधित कार्य हेतु एक मशीन का अविष्कार किया है जिससे वह लकड़ी फाड़ने का कार्य करते हैं।

आओ सुने उसी की जुबानी मेरा नाम पवन कुमार साहू पिता स्वर्गीय जनक लाल साहू ग्राम पहन्दा आ के निवासी हूं बचपन से मेरा रुचि कृषि एवं कृषि से है संबंधित यंत्रों पर हमेशा से रहा है दसवीं पढ़ते-पढ़ते भी मैं खेत में जाकर कृषि कार्य करने लगा था ।

2018 में एक ट्रैक्टर खरीदा फिर हमारे गांव में हार्वेस्टर की कमी महसूस हुई जिसमें अन्य गांव की मशीनों की चक्कर लगाना पड़ता था मैं भी 20 दिन लगातार हार्वेस्टर चक्कर लगाया फिर 2014 में हार्वेस्टर खरीदा हार्वेस्टर से गांव में लोगो के सहयोग के साथ मेरा कार्य भी हो जाता है।

मेरे घर में एक पेड़ आंधी तूफान से गिरा जिसे काटने के लिए कई दिनों तक मजदूरों की तलाश करनी पड़ी ।
फिर मन में लकड़ी काटने की मशीन खरीदने का विचार आया मशीन मशीन देखकर गांव के लोग भी किराए पर लेने आए फिर लोगों ने कहा काटने का काम तो आ जाता है फाड़ने का भी कुछ जुगाड़ बनाओ फिर सोचने लगा कैसे लोगों की सहायता की जाए फिर हाइड्रोलिक प्रेस ट्रेसर मशीन को देखकर दिमाग आया की सामने धार धार वस्तु रखकर धीरे से प्रेस करके लकड़ी फाड़ बाहर आ सकता है पर कहना और करना बहुत कठिन है 2 साल सोचने में ही ऐसा चला गया हाइड्रोलिक सिलेक्शन पता किया तो 40000 से कम कहीं नहीं था फिर एक कंपनी में पता किया पर कोई फायदा नहीं रोज मार्केट के चक्कर लगाकर थक गया फिर कम कीमत पर मौदहापारा रायपुर में रिफ्लेक्टर मिला अब समस्या रिफ्लेक्टर चलाएं कैसे उसके लिए हाइड्रोलिक मोरा हाइड्रोलिक रैंक डिस्ट्रीब्यूटर चाहिए फिर सामान भी मांगे में फिर माना मोटर दुर्ग के लवन देशमुख। जो मेरे अच्छे दोस्त है उन्होंने एरोली पाइप ट्रैक्टर के जुगाड़ चलाने सुझाव दीया पर पाइप फिटिंग मिलना इतना आसान नहीं था।
इसी मैं कई महीने बीत गए अंततः रायपुर में पाइप से मिला फिर फेब्रिकेशन वर्ग करके मशीन बना ।
अतः मैं कहना चाहूंगा कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

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