स्वयंभू महादेव एवं महाकाली के दरबार पर्यटन स्थल आनंद मठ मंदिर कौही दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड में खारून नदी तट में स्थित है आज 1 मार्च को भव्य महाशिवरात्रि मेला का आयोजन किया गया समिति व ग्रामीणों के द्वारा यह आयोजन वर्षों से होते आ रहा है इस वर्ष भी कौही में तीन दिवस तक मेला लगा है जो कि 28 फरवरी सोमवार से 2 मार्च मंगलवार तक होगा
जिसमें आज 1 मार्च को विशाल मेला लगा है सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ स्वंभू शिवलिंग के साथ माता काली मां संतोषी राम दरबार माता परमेश्वरी माता कर्मा राजीव माता श्री हनुमान मंदिर श्री शनिदेव मंदिर सहित विभिन्न देवी देवताओं की मूर्ति स्थापित है जिसके दर्शन करने दुर्ग जिला सहित धमतरी रायपुर बालोद गरियाबंद जिला से हजारों श्रद्धालु आते हैं या सभी मंदिर विभिन्न समाजों के द्वारा स्थापित किया
गया है ।
वर्षों पूर्व धरती से उत्पन्न शिवलिंग विदित हो की कौही के जागीरदार विशाल प्रसाद के सुपुत्र स्वामी मोहनानंद जी जो आनंद मठ मंदिर के संस्थापक है जिसे वर्षों पूर्व जमीन खोदते हुए मिला था जो शिवलिंग आज कौही के पहचान बनी हुई है लोगों के द्वारा बताया जाता है कि स्वामी मोहनानंद को रात्रि में सपना आया था कि वह पत्थर साधारण पत्थर नहीं है वह स्वयं देवों के देव महादेव है तू इसके पूजा अर्चना करो तुम्हारी मनोकामना पूरी होगी
इसकी जानकारी जब लोगों मिला तो मंदिर स्थापना पूरे विधि विधान से किया गया और कौही का नाम चारों तरफ फैल गया और अंचल सहित दूर-दूर से श्रद्धालुओं की भीड़ मनोकामना पूर्ति के लिए कौही आने लगे वह मनोकामना पूर्ण होने लगी बाद में मंदिर का निर्माण कराया गया
भगवान स्वयंभू शिवलिंग के आकार दिनों दिन वृद्धि होने लगी जिसका यहां के बुजुर्ग प्रत्यक्ष गवाह हैं आदि देव महादेव की महिमा फल स्वरुप 1973/ 74 से यहां पर महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर विशाल मेला लगता रहा है जो यहां के पुजारी रहे स्वामी परमानंद गोस्वामी ने ग्राम वासियों के सहयोग से महाशिवरात्रि मेला की शुरुआत की थी जो आज तक चल रहा है।
कोलकाता से लाई गई माता काली विद्या मान है कौही के मंदिर परिसर में कोलकाता से जल मार्ग से लाई गई काली माता की मूर्ति स्थापित है जिसे यहां के पुजारी स्वामी मोहनानंद जी के ने जल मार्ग से नाव के द्वारा एक ही दिन में रात्रि में लाकर स्थापित किया गया था बताते हैं कि स्वामी मोहनानंद जी काली के शाधक थे उसे शक्ति प्राप्ति थी वह क्षण भर में जहां जाना चाहते चले जाते थे उन्हीं के स्थापित भगवान राम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न मंदिर एकादशी मंदिर भैरव मंदिर सहित अन्य मंदिर स्थापित है।
इसलिए इस लिए स्थान को आनंद मठ मंदिर कहा जाता है यहां की जितनी महत्ता बखान करें कम है वही अब विभिन्न देवी देवताओं के मंदिर लगभग 20 से 30 मंदिर यहां विभिन्न समाजों के द्वारा स्थापित किया जा चुका है जहां पर दर्शनार्थी वर्षभर मंदिर में आना जाना रहता है पूरे भारतवर्ष में महाशिवरात्रि मनाया जाता है कौही में भी इस वर्ष महाशिवरात्रि मेला लगा है सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है महाशिवरात्रि में भोलेनाथ के दर्शन करने अंचल के विधायक व प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल ने दोपहर में पहुंचकर आशीर्वाद लेंगे
