आजादी के 75वां वर्ष किसानों व मजदूरों का भी। देश की आजादी में गांवों में बसने वाले किसानों व मजदूरो का भी योगदान।
भारत जोड़ो यात्रा करने वाले मंत्री, विधायक , गरीबों की आवास,पेंशन की आवश्यकता को कब पुरा करेंगे।
दुर्ग / छत्तीसगढ़ की लगभग 80 प्रतिशत आबादी गांवों में बसती है,और गांवों से ही सत्ता सरकारें तय होती है, यह कहना भी ग़लत नहीं होगा ।पर आज इन्हीं गांवों के गरीब जनता को आवास , पेंशन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। वर्तमान सरकार जिस घोषणा पत्र की दम पर छः ग: विधानसभा चुनाव को जीत की वजह मानते हैं। पर आज के तारीख में यही कांग्रेस के मंत्री, विधायक सायद भूल गए कि उन्होंने गरीब , मजदूर व किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले पेंशन धारियों के लिए प्रतिमाह 1500 रूपये पेंशन देने का जो वादा किया था।वह महज एक वादा ही रह गया है। वहीं गरीबों कि पक्का मकान की सपना को पुरा करने वाले केन्द्र सरकार की एक मात्र योजना प्रधानमंत्री आवास को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी राजनीतिक स्वार्थ के चलते आवास योजना के तहत बनने वाले पक्का मकान निर्माण कार्य को भी बंद करवा दिया है।और इन्हीं गांवों की गरीब जनता की हक अधिकार को तोड़ने वाले, मंत्री, विधायक आज किस अधिकार से भारत जोड़ने की बात कर रहे हैं।
वहीं दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के विधायक व छत्तीसगढ़ प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री अपने भाषण में घोषणा पत्र की किसानों की कर्ज माफी और ,₹2500 में धान खरीदी के साथ अन्य मूद्दो की जिक्र करना नहीं भूलते, और अपने शासनकाल की तारीफ करते नहीं थकते। पर क्या वह पेंशन धारियों की पेंशन की चिंता साथ जरूरमंदो की आवास की चिंता करते हैं।जिस पेंशन धारियों को बघेल सरकार प्रतिमाह 1500रुपये जो पेंशन देने का वादा किया था। वह कब पूरा कर रहे है। साथ ही जरूरमंदो की आवास योजना की बंद पड़े निर्माण कार्य को पुनः कब चालू कर रहे है। क्या छत्तीसगढ़ के गरीब ग्रामीण जनता को मंत्री, विधायक न्याय दिला पाएंगे। या भारत जोड़ो यात्रा एक मात्र राजनीति ड्रामेबाजी बन के रह जायेगी। उक्त बात ढालेश साहू छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच। (विधानसभा प्रभारी दुर्ग ग्रामीण) ने कहा है।
