किरीट भाई ठक्कर ,गरियबन्द । जिले के देवभोग जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सुखचन्द बेसरा के विरुद्ध लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त हो गया है।जनपद अध्यक्ष श्रीमती नेहा सिंघल के नेतृत्व में यह प्रस्ताव लाया गया था। जिस पर आज मतदान हुआ। मतदान में 18 में से 17 सदस्य शामिल हुये। अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने के लिये 13 मतों की जरूरत थी, किन्तु प्रस्ताव के पक्ष में केवल 11 मत पड़े जिससे अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया। जीत के बाद बेसरा समर्थकों ने आतिशबाजी और नारेबाजी की। जनपद उपाध्यक्ष सुखचंद ने कहा कि जनपद में करोड़ो के घपले और भ्रष्टाचार की पुष्टि हो चुकी है,जिसमें अध्यक्ष नेहा सिंघल का हाथ था। भ्रष्टाचार के विरोध के कारण ही सदस्यों को बरगला कर मेरे विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। किन्तु अब ये धांधली नही चलेगी। बेसरा ने अब नेहा सिंघल के विरुद्ध मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुये एससी आयोग में मामला दर्ज कराने की बात कही है। दूसरी तरफ अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त होने के बाद जनपद अध्यक्ष नेहा सिंघल ने मीडिया का सामना करने से इंकार कर दिया।
विदित हो कि विगत दिनों राजनैतिक घटनाक्रम के तहत देवभोग जनपद उपाध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जनपद कार्यालय में अनेक तरह के फर्जीवाड़े एवं भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। मामले में जांच भी की गई है और बहुत से आरोपों की पुष्टि भी हुई है। इधर सुखचंद बेसरा द्वारा की गई शिकायत के बाद जनपद अध्यक्ष नेहा सिंघल द्वारा, उपाध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। जिस पर आज मतदान हुआ ।
देवभोग एसडीएम अर्पिता पाठक के अनुसार मतदान में 18 सदस्यों में 17 जनपद सदस्य उपस्थित हुये। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विपक्ष में 6 मत पड़े। जबकि अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने के लिये 13 मतों की आवश्यकता होती है। इस तरह प्रस्ताव ध्वस्त हो गया। सुखचंद बेसरा अपने पद पर बने रहेंगे।
