तुलसी वर्षा पूर्णाहुति के साथ हुआ भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का भव्य समापन बड़ी संख्या में पहुंचे नगर के श्रोतागण
राकेश सोनकर
कुम्हारी
श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह जो कि 23 दिसंबर 1 जनवरी तक वार्ड 8 शांति नगर कुम्हारी में चल रहा है।
जिसमें सप्त दिवसीय भागवत का समापन एक भव्य रूप लेकर सम्पन्न हुआ।
परपोड़ी साजा जिला बेमेतरा से पधारे राज्य प्रसिद्ध कथा व्यास प्रवचनकर्ता भागवत रशिक पंडित श्री कृष्णधर दिवान जी महाराज एवं प्ररायणकर्ता पंडित श्री सूर्यकांत पांडे जी के श्री मुख से कथा का पूरे सप्ताह आयोजन स्थल में सैकड़ो की संख्या में नगरवासियों ने आंनद सहित पुण्य लाभ लिया।
भागवत ज्ञान सप्ताह का आयोजन श्री राधे राधे महिला समिति एवं ग्रामवासियो के सहयोग से हुआ।
जो कृष्ण पक्ष चतुर्थ 23 दिसंबर से शुरू होकर कृष्ण पक्ष त्रयोदशी 1 जनवरी दिन शनिवार को समाप्त होगा।
भागवत के अंतिम दिन सुबह 3:00 बजे से हवन पूजन का आयोजन किया गया था जिसमें बहुतायत में भक्तजन सम्मिलित हुए उसके पश्चात अगले दिन महाभंडारे का आयोजन किया गया।
जो लगभग रात्रि 8:30 बजे तक चला। समापन के अवसर पर अंतिम दिन श्री गीता माहत्म. तुलसी वर्षा. हवन यज्ञ. पूर्णाहुति. एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया।
प्रवचनकर्ता पंडित श्री कृष्णधर ने कई धार्मिक विषयों पर प्रवचन दिये।
तथा आयोजन स्थल पर दर्जनों भक्तजनों को सम्मान स्वरूप शॉल व श्रीफल भेंट भी किये।
पूरे सप्ताह भर श्रोताओं ने सुंदर प्रवचनों और सुंदर काव्यों का आनंद लिया।
आयोजन समिति ने इस सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया और अगले वर्ष भी इस पूण्य आयोजन हो इसके लिए वार्ड वासियों एवं महिला समूहों ने संकल्प लिया। यही नही सभी ने इससे भी ज्यादा गरिमामय आयोजन को करने की प्रतिज्ञा ली।
बता दे कि नगरवासी एवं राधे राधे महिला परिवार द्वारा कराये गए इस सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन में प्रथम दिवस कलश स्थापना के साथ प्रारंभ होकर गीता ज्ञान के साथ अष्टमी को संपन्न हुआ।
उक्त श्रीमद भागवत कथा के कथावाचक पं. श्री कृष्णधर दिवान जी पड़पोड़ी साजा जिला बेमेतरा वाले, इनकी मधुर वाणी से प्रतिदिन श्रोता श्रीमद् भागवत सुनते रहे।
सप्ताह भर चले इस धार्मिक आयोजन मे कथावाचक पं. कृष्णधर दिवान द्वारा श्रीमद भागवत कथा के अलग अलग पात्रों और खंडों का वर्णन किया गया।
इसमें प्रथम दिवस पर राजा परीक्षित की कथा. राजा बलि की कथा. श्रीकृष्ण जन्म. कृष्ण सुदामा की मित्रता और रुखमणी विवाह प्रमुख था।
वहीं सबसे ज्यादा आनंद भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण का जन्म और रुखमणी विवाह में उठाया।
इस दौरान कथा स्थल वृंदावन मे तब्दील हो गया था।
सभी भक्तों ने भगवान कृष्ण के जन्म और विवाह में जमकर आनंद उठाया।
इस आयोजन को सफल बनाने मे आयोजनकर्ता राधे राधे महिला समूह में शशि यादव, शांति सिन्हा, प्रमिला वर्मा, कुमारी सिन्हा, फुलबती निषाद, गिरजा साहू, निरा राजपूत, केशर सिंह राजपूत, उषा सेन, यसोदा राजपूत, रूखमणी साहू, प्रेमिन निर्मलकर , नेहरुलाल सिन्हा, पवन सिंह राजपूत, लेखराम साहू, खिलावन निषाद, प्रमोद सिंह राजपूत, भोला राम साहू, छोटू सिन्हा, हीरालाल सिन्हा, रमेश यादव, शेषनारायण सिन्हा, चूणामणि निषाद, एवं ग्रामवासियों का सराहनीय योगदान रहा।
