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कोलंबिया कॉलेज ऑफ फॉर्मेसी में हर्षोल्लास से मनाई शिक्षक दिवस

कोलंबिया कॉलेज ऑफ फॉर्मेसी में हर्षोल्लास से मनाई शिक्षक दिवस

शिक्षको के सम्मान के लिए हुए संकल्पित

रायपुर। टेकारी( मांढर) रायपुर स्थित कोलम्बिया कॉलेज ऑफ फॉर्मेसी छात्रों के अथक प्रयास से बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ शिक्षक दिवस सोमवार को मनाया गया कार्यक्रम के शुरुआत सर्वप्रथम सरस्वती माता , एपीजे अब्दुल कलाम एवं डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छाया चित्र पर मुख्य अतिथि किशोर जदवानी सर जी (चेयरमैन जन प्रगति एजुकेशन सोसायटी ) ,एवं हरजीत सिंह हुरा सर जी( सचिव जनप्रगति एजुकेशन सोसायटी ) एवं डॉ सुरेंद्र सराफ सर जी (प्रिंसिपल कोलंबिया कॉलेज ऑफ फॉर्मेसी ) के द्वारा माल्यार्पण कर पूजा अर्चना की गयी ,तपश्चात अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ और कॉलेज मेमोरी के फोटो डायरी भेट किया गया ।

स्वागत के अवसर पर कॉलेज के पुष्पांजलि साहू ने अपना कविता सुनाकर दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया सभी ने इसकी सराहना की और कॉलेज के प्रिंसिपल सम्मानिय डॉ सुरेंद्र सराफ जी के निर्देश पर छात्र-छात्राओं द्वारा चलाये जा रहे मु हिम टीचर को धन्यवाद ज्ञापित करने वाला चुंकि हम जीवन के ऐसे पड़ाव पर होते है कि हम हमारे मार्गदर्शन करने वाले शिक्षक को हम भूलते जा रहे हैं उसी यादे को तरो ताजा करने के उद्देश्य से ये मुहिम चलाई गई जिसमे छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिए और अपना अनुभव साझा किये तपश्चात अतिथियों ने अपना जीवन का सफर और शिक्षकों की भूमिका को बताया।

वहा पर उपस्थित छात्राओं को संबोधित करते हुए कोलम्बिया कॉलेज ऑफ के प्रिंसिपल डॉ सुरेन्द्र सराफ जी ने कहा कि शिक्षक पथ प्रदर्शक होता है जो जो हमारे भविष्य के लिए एक सुंदर रास्ते का निर्माण करता है हमारे जीवन मे हर किसी से कुछ ना कुछ सिख मिलते रहते है हमे निरंतर सीखते रहना चाहिए व्यक्ति जो कुछ भी होता है किसी पद व किसी स्थान में सुशोभित होता है तो उनके पीछे किसी न किसी शिक्षको का मार्गदर्शन रहता है , जिनके वजह से उसे समाज मे मान सम्मान और प्रतिष्ठा मिलती है ।

वही जनप्रगति एजुकेशन सोसायटी के चेयरमैन सम्मानीय किशोर जदवानी सर ने मौजूद छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सकारात्मक सोच ही सफलता के पूंजी है हमे हमेशा सकारात्मक सोच रखनी चाहिए हर किसी के जीवन मे शिक्षक आते है जो नैतिकता की पाठ पढ़ाते है ,उन्होंने आगे कहा कि हमारे जीवन मे पांच शिक्षक होते है पहला माता -पिता जो हमे शुरू से चलना-बोलना सिखाते है दूसरा होता है गुरु जो सही और गलत का भेद बताते है हमारे भविष्य के रास्ते को प्रशस्त करते है तीसरा शिक्षक परिस्थिति होती है जो हमें जीना सिखाती है और चौथा शिक्षक असफलता अल्बर्ट आइंस्टीन ने बल्ब का अविष्कार करने के लिए उन्हें दस हजार बार असफ़लता मिली लेकिन अंततः उन्होंने हार नही मानी अपने कर्तव्य पथ पर अड़िग रहा और उन्हें एक दिन सफलता जरूर मिला पांचवे शिक्षक गलतियां है जिससे हमें बड़ी सिख मिलती है चीजे को समझने के लिए वही जनप्रगति एजुकेशन सोसायटी के सचिव सम्मानीय श्री हरजीत सिंह हुरा जी ने कहा कि
पढ़ाई तो महत्वपूर्ण है हम सबके लिए लेकिन उसने भी ज्यादा यक्तित्व विकास , इनसे छात्राओं के आत्मविश्वास बढ़ते है और वो और भी बड़े स्तर पर अपने आपको अच्छे से प्रदर्शन करते है आदमी को हमेशा सीखते रहना चाहिए जहां से सिख मिल जाए किसी भी जगह किसी भी लोगो से चाहे वो छोटे हो या बड़े ।
ततपश्चात कार्यक्रम को और भी रोमांचक बनाने के लिए शिक्षकों के बीच मनोरंजन खेल खेलाया गया जिसका सभी ने खूब आनंद लिए , और स्टूडेंट्स के द्वारा सभी शिक्षकों के लिए गीत ,भाषण और डांस प्रस्तुत किये जिसे सभी ने खूब सराहा कार्यक्रम में आशिष मजूमदार , अल्का बघेल, महेन्द्र साहू , खुशबू वर्मा , मनोज वर्मा, शेलीना जीवा ,प्रियंका विश्वकर्मा, भास्कर साहू ,मुकेश साहू के साथ सभी छात्रगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे

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