कोलंबिया कॉलेज ऑफ फॉर्मेसी में फार्माकोविजिलेंस जागरूकता दिवस मनाया गया
मरीजों को जागरूक करने का अनूठा प्रयास
23 सितंबर तक होंगे विभिन्न जागरूकता अभियान
रायपुर। आजादी के अमृतमहोत्सवके उपलक्ष्य में भारत सरकार स्वास्थ्य एवं कल्याण विभाग द्वारा ड्रग एवं उनसे होने वाले टॉक्सीसिटी एव दुष्प्रभाव को रोकने के लिए फार्माकोविजिलेंस जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है जिसकी शुरुआत 17 सितम्बर से हो चुका है जो 23 सितम्बर तक जागरूकता सप्ताह के रूप में पूरे फार्मा जगत से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों पर विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के माध्यम से मरीजों को जागरूक किया जाएगा इसी के तर्ज पर ड्रग एवं उसके दुष्प्रभाव के बारे में जागरूकता अभियान के उद्देश्य को पूरा करते हुए कोलंबिया कॉलेज ऑफ फॉर्मेसी में कई कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसमें एक रायपुर एम्स और ipc गाजियाबाद के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित किया गया कार्यक्रम की शुरुआत
ज्ञान दायनी माँ सरस्वती के छाया चित्र पर माल्यर्पण कर पूजा अर्चना की और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए मनोकामना मांगी तत्पश्चात संगोष्ठी के शुरुआती दौरान में आये अतिथियों का पुष्प गुच्छ के साथ स्वागत किया गया।
ततपश्चात मुख्य वक्ता के रूप में आये डॉ नितीन आर गायकवाड़ प्रोफेसर और एचओडी डिपार्टमेंट ऑफ फार्माकोलॉजी ने उपस्थित छात्राओं को जागरूक करते हुए फार्माकोविजिलेंस के बारे में बताया कि आज इंडस्ट्री से बहुत सारी दवाइयां बड़े पैमाने पर बनकर आती है, दवाइयां के फायदे और नुकसान को बताते हुए कहा कि हमे अपनी बॉडी का अच्छी तरह से डायग्नोसिस कर लेना चाहिए किस तरह के दवाइया आपके शरीर मे अपना प्रभाव दिखाता है ।
दवाइयां के साइड इफेक्ट भी होते है जिससे शरीर मे खुजली के साथ शरीर पूरी तरह से लाल हो जाता है आगे उन्होंने दवाइयों के दुष्प्रभाव को बताया और इनसे बचने की सलाह दी गई ततपश्चात अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ योगेंद्र एन कीचे फार्माकोलॉजी विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर ने वहा पर मौजूद फॉर्मेसी के स्टूडेंट्स को ए.डी. आर. के बारे में विस्तार पूर्वक बताया और कहा कि ज्यादातर मौत इन्ही के वजह से हो रही है ।
उन्होंने यह भी बताया कि अगर कोई बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के क्लीनिक चला रहा हो और उनका इलाज लोगो पर प्रभावशील ना हो तो रिपोर्ट करने की सलाह दी गई क्योंकि सही और सटीक दवा ना मिलने से लोगो की जान भी जा सकती है ए. डी. आर के समय लोग बहुत ही चिंतित होते है व मन मे नकारात्मक विचार भी आते है जो मौत का कारण बनती है उन्होने आगे देश मे बनाये जा रहे विभिन्न प्रकार के वैक्सीन के बारे में बताया किसी भी वैक्सीन में को लोगो को देने से पहले उन्हें कई बार परीक्षण किया जाता है तब जाकर लोगो को ऊपर प्रयास करते है।
संगोष्ठी में अतिथि के रूप में शामिल फार्माकोलॉजी विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. पुगाझेंथन टी. सहायक प्रोफेसर फार्माकोलॉजी विभाग ने मेट्राविजेलन्स के बारे में बताते हुए कहा कि मटेरियल से भी बीमारियां फैलती है जैसे ऑपरेशन के समय यदि हम ग्लब्स नही पहनेगा पूरी की पूरी संभावना है की हमे उस बीमारी से ग्रसित होने की ,
बहुत सारी चीजें सुरक्षात्मक कि दृष्टि से उपयोग में आते है वे पूरी चीजे मैट्रोवेजिलेन्स के अन्तर्गत आते है।
सभी अतिथियों द्वारा बड़ी संख्या में उपस्थित स्टूडेंट्स को जागरूक किये कार्यक्रम की समाप्ति में कोलंबिया कॉलेज ऑफ फॉर्मेसी के प्रिंसिपल डॉ सुरेन्द्र सराफ जी के द्वारा अतिथियों को सम्मान स्वरूप मोममेंटो प्रदान कर धन्यवाद ज्ञापित किया गया एवं कार्यक्रम की समाप्ति पूरे उमंग और उत्साह से शेरो और शायरी के अंदाज में एच .ओ. डी. श्री आशीष मजूमदार द्वारा आये हुए अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त कर कार्यक्रम की समाप्ति का घोषणा किया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जनप्रगति एजुकेशन सोसायटी के सचिव सर हरजीत सिंह हुरा भी उपस्थित थे साथ ही महेन्द्र साहू ,खुशबू वर्मा,मनोज वर्मा ,शेलिना जीवा , प्रियंका विश्वकर्मा ,भास्कर साहू, मुकेश साहू ,एवं सभी शिक्षक गण के साथ स्टूडेंट्स मौजूद रहे।
