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कमजोर संगठन पदाधिकारियों की वजह से कांग्रेस कार्यकर्ता मायूस : गुटबाजी हावी

गरियाबंद। एक बार फिर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जिला प्रवास की तैय्यारी है , इसके पहले भी जिले में सीएम का भेंट मुलाकात कार्यक्रम तय था ,किंतु एन वक्त पर स्थगित कर दिया गया। तत्समय जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भावसिंह साहू ने कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर गुटबाजी से दूर रहने की चेतावनी कांग्रेसी पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं को दी थी, किन्तु दूसरे ही दिन नगर में लगे बैनर पोस्टरों में गुटबाजी नजर आने लगी। इन पोस्टरों में राजिम विधायक अमितेश शुक्ल की फोटो लगाना भी जरूरी नहीं समझा गया था। जिलाध्यक्ष की चेतावनी और कार्यवाही की धौंस कोई काम नही आई थी।

ऐसे ही अनेक मौके बे मौके पर कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष की कमजोरी और निष्क्रियता अक्सर नजर आती रही है। सम्भवतः जानबूझकर एक निष्प्रभावी शख्शियत को अहम जिम्मेदारी सौपी गई है, जिससे कल को रायपुर के पारम्परिक नेताओं के लिये कोई चुनौती खड़ी ना हो। प्रारम्भिक कार्यकाल के बाद गरियाबंद ब्लॉक व शहर अध्यक्ष भी अब लगभग निष्क्रिय है। इसी वजह से जिले में कांग्रेस संगठन कमजोर होता जा रहा है। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में ताल – मेल का अभाव है। ज्ञात हो कि गरियाबंद ब्लॉक में राजिम एवं बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा का क्षेत्र भी आता है, अधिकतर पंचायतें बिन्द्रानवागढ़ क्षेत्र में है और आदिवासी बहुल है, किंतु कांग्रेस संगठन में गुटबाजी के चलते ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के प्रमुख पदाधिकारी सिर्फ राजिम विधान सभा क्षेत्र से ही बनाये गये है।

गुटबाजी के कारण जनहित के कार्य प्रभावित

 

गरियाबंद पालिका क्षेत्र में अनेक ऐसे बे -फिजूल निर्माण कार्य , साथ ही कुछ ऐसी अव्यवस्थित गतिविधियां हो रही है जिनके विरोध की पुरजोर आवश्यकता है , किंतु गुटबाजी की वजह से कांग्रेसी कार्यकर्ता चुप्पी साधे हुये है। मसलन कुछ सप्ताह पहले से साप्ताहिक सब्जी बाजार ,मंडी स्थल में लगाया जा रहा है, किंतु वहाँ सब्जी विक्रेताओं और खरीददारों दोनों के लिये सुविधाओ का अभाव है। रावनभाटा के सामने फौव्वारा आदि लगाकर लाखों रुपये खर्च करने का क्या औचित्य है ये पूछने वाला कोई नहीं है। राष्ट्रीय राजमार्ग के बिल्कुल किनारे कमीशनखोरी के लिये एक व्यक्ति के दिमागी फितूर को आकार दिया गया है। कुछ वर्षों पूर्व बस स्टेंड व आस पास से ठेले – खोमचें वालों को हटाकर गौरवपथ किनारे स्थान दिया गया , अब उनके विस्थापन की व्यवस्था किये बगैर उन्हें वहां से भी हटा दिया गया ,जिससे नगर के अनेक लोग बेरोजगार हो गये है। प्रतिदिन लगने वाले सब्जी बाजार में छोटे मोटे ठेले खोमचें पसरा व्यवसायियों से दखल शुल्क के नाम पर एक नया टेक्स लिया जाने लगा है। ये कितना उचित अनुचित है इस पर ना कोई सवाल करने वाला है ना जवाब देने वाला। आखिर गरीबों के हक में कोई क्यों सवाल खड़े करेगा और कोई क्यूँ जवाब देगा।

कौन है विधायक प्रतिनिधि ?

जिले के राजिम विधानसभा क्षेत्र के नगरीय निकायों में प्रति कुछ दिनों में एल्डरमैन व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी बदल दिये जाते हैं। राजिम विधायक प्रतिनिधि कौन है ? इसे लेकर सदैव संशय की स्थिति रही है। जनपद , जिला पंचायत, व नगरीय निकायों की सामान्य सभा तथा ऐसी ही अन्य बैठकों में अलग अलग अलग विधायक प्रतिनिधि केवल एक दिन के लिये नियुक्त होते हैं , शाम तक गुब्बारे की हवा निकल जाती है।

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