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आल इन्वेस्टर सेफ्टी आर्गनाइजेशन छत्तीसगढ़ द्वारा बेमेतरा में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन एवं कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया

बेमेतरा-आल इन्वेस्टर सेफ्टी आर्गनाइजेशन छत्तीसगढ़ द्वारा बेमेतरा ब्लाक मे एक दिवसीय धरना प्रदर्शन एवं रैली आयोजित किया गया है जिसमें प्रदेश अध्यक्ष श्री नरेश सागरवंशी जी एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री गणेश देवांगन जी और सैकड़ों संख्या में कार्यकर्ता एवं निवेशकों की उपस्थिति रही
पर्ल्स ग्रुप ऑफ कम्पनी भारत सरकार से मान्यता लेकर 1983 से अपनी योजनाएं चला रहा था। इसी क्रम में 1996 से PACL Ltd. रियल एस्टेट (भूमि में निवेश) की योजना चला रही थी। सरकार की केन्द्रीय एजेंशियों जाँच, ऑडिट, लाइसेंस की नवीनीकरण करता रहा आयकर विभाग नियमतः टैक्स लेता रहा यहाँ तक कि 2013 तक सर्वोच्च न्यायपालिका के निर्देशानुसार कम्पनी के कार्यप्रणाली में कोई कमी साबित नही हो पाया। परन्तु 22 अगस्त 2014 को ऐसा क्या हो गया कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कम्पनी के योजना को अवैध मानकर कारोबार बंद कर सारे बैंक खाता एवं सम्पत्तियों को जब्त कर सारे बैंक खाता एवं सम्पत्तियों को जब्त कर लिया जिससे निवेशकों का पैसा मिलना बंद हो गया, जो सेबी की रिपोर्ट अनुसार देश के 5.85 निवेशकों का 49100 करोड़ रूपये है जिसमें बेमेतरा जिले के 50000 निवेशको के 70-80 करोड़ समेत पुरे प्रदेश के लगभग 10 लाख निवेशकों का 1000 करोड़ रूपये शामिल है। कम्पनी अपने पक्ष को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपील की जहां मामला विचाराधीन है। ऑल इन्वेस्टर सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (AISO) एक समाज कल्याणकारी राष्ट्रीय पंजीकृत संस्था है जिसके द्वारा निवेशकों का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में रखा गया। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों के हित को ध्यान में रखते हुए 2 फरवरी 2016 को भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश श्रीमान आर. एम. लोढा साहब की अध्यक्षता में समिति गठित कर कम्पनी की सम्पत्यिों को नीलाम कर निवेशकों का पैसा 6 माह के अंदर वापस करने का फैसला सुनाया। विगत 6 वर्षों से AISO संगठन के बैनर तले क्षेत्रीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अनेको धरना प्रदर्शन कर राज्य सरकार, केन्द्र सरकार तथा संबंधित विभाग को लगातार ज्ञापन दिए गए। PACL मामले की लोढा कमेटी की कार्यप्रणाली पूर्ण रूप से सेबी द्वारा की जा रही है जो केन्द्र सरकार की एजेंसी है केन्द्र सरकार का ध्यान आकर्षित कर संबंधित विभाग से समाधान करवाने के लिए प्रत्येक संसदीय सत्र में स्थानीय सांसदों को ज्ञापन दिया गया परन्तु आज तक किसी ने भी निवेशकों के हित में कोई कदम नहीं उठाया। जबकि केन्द्रीय जांच एजेंसी की रिपोर्ट अनुसार कम्पनी की जब्त सम्पत्तियाँ देनदारी से लगभग 4 गुना अधिक है जो auctionpacl.com में अपलोड है। वहीं छ.ग. में 529 एकड़ जमीन एवं रायगढ़ और रायपुर का कार्यलय बिल्डिंग संपत्ति के तौर पर है, कम्पनी की पर्याप्त सम्पत्ति एवम सुप्रीम कोर्ट के आदेश तथा निवेशकों द्वारा लगातार प्रदर्शन के बाद भी राज्य सरकार, केन्द्र सरकार एवं सेबी द्वारा पहल करना तो दूर और भी समस्याएँ पैदा कर दी गई है। जिसके विरोध में 31 मार्च 2022 को बेमेतरा जिला कचहरी के पास धरना प्रदर्शन कर जिला मुख्यालय तक रैली निकाल विरोध प्रदर्शन कर अपनी समस्याओं के समाधान की मांग संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं आर. एम. लोढ़ा कमेटी को जिला बेमेतरा कलेक्टर द्वारा सौंपा गया आगे जल्द से जल्द धन वापसी संबंधित निपटारा न होने की स्थिति में इससे बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा आज के कार्यक्रम में मुख्य रूप से AISO के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान गणेश राम देवांगन जी, प्रदेश अध्यक्ष श्रीमान नरेश कुमार सागरवंशी जी, प्रदेश कोर कमेटी पदाधिकारीगण, जे. पी. साहू जी, एम. एल. साहू जी, एच. के. देशमुख जी, समय लाल साहू जी, के. आर. साहू जी. एच. एल. साहू जी, एस. के. साहू जी, शत्रुघन यादव जी, जिलाध्यक्ष बेमेतरा बुधऊ साहू एवं सैकड़ों संख्या में कार्यकर्ता एवं निवेशकों कु उपस्थिति रही।

पर्ल्स ग्रुप ऑफ कम्पनी भारत सरकार से मान्यता प्राप्त कर 1983 से अपनी योजनाएं चला रही थी इ कम में PACL LTD. 1996 से रियल इस्टेट (भूमि में निवेश) की योजना चला रहा था। सरकार की केन्द्र एजेंसी जाँच, ऑडिट, लाइसेंस की नवीनीकरण करती रही आयकर विभाग नियमतः टैक्स लेता रहा यहाँ तक ि 2013 तक सर्वोच्च न्याय पालिका के निर्देशानुसार कम्पनी के कार्यप्रणाली में कोई दोष साबित नहीं पाई। परन्तु 2 अगस्त 2014 को ऐसा क्या हो गया कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कम्पनी के योजनाओं क अवैध मानकर कारोबार बंद कर सारे बैंक खातें एवं सम्पत्तियों को जब्त कर लिया जिससे निवेशकों का पैसा मिलना बंद हो गया। जो सेबी रिपट अनुसार देश के 5.82 करोड़ निवेशक जिसमें बेमेतरा जिला के लगभग 50 हजार निवेशकों का 70 से 80 करोड़ एवं पूरे छत्तीसगढ़ के लगभग 10 लाख निवेशकों का 1000 करोड़ रूपये शामिल हैं कंपनी अपने पक्ष को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपील की जहाँ मामला कोर्ट की निगरानी में है।
ऑल इन्वेस्टर सेफ्टी ऑर्गेनाईजेशन (AISO) एक समाज कल्याणकारी राष्ट्रीय पंजीकृत संस्था है। जिसके द्वारा भी निवेशकों का पक्ष सुप्रीम कोर्ट में रखा गया है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने निवेशकों के हित को ध्यान में रखते हुए 2 फरवरी 2016 को भारत के पूर्व मुख्य न्यायधीश श्रीमान् आर. एम. लोढ़ा साहब की अध्यक्षता में समिति गठित कर कम्पनी की सम्पत्तियों को निलाम कर निवेशकों का पैसा 6 माह के अंदर वापस करने का फैसला सुनाया लेकिन आज 6 वर्ष से अधिक समय बीत जान के बाद भी निवेशकों को वापसी नहीं हो पाया। और कुछ को हुआ है उसमें भी त्रुटि है। जिसके लेकर AISO संगठन क्षेत्रीय स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अनेकों धरना प्रदर्शन कर राज्य सरकार, केन्द्र सरकार तथा संबंधित विभाग को ज्ञापन दिये गये लेकिन कुछ भी नहीं हुआ। PACL मामले में लोढ़ा कमेटी की कार्यप्रणाली पूर्ण रूप से सेबी द्वारा संचालित किया जा रहा है जो आपकी सरकार की एजेंसी है। इसके समाधान के लिए भारत भर के सांसदों को भी ज्ञापन दिया गया लेकिन आज तक उनके द्वारा निवेशकों के हित में कोई कदम नहीं उठाया गया।
जबकि केन्द्रीय जाँच एजेंसी (CBI) की रिपोर्ट अनुसार कंपनी की जब्त सम्पत्तियाँ देनदारी से लगभग चार गुना अधिक है। जो (auctionpacl.com) में अपलोड है। पर्याप्त संम्पत्तियाँ होने के बावजूद केन्द्र सरकार की संस्था सेबी पिछले 6 वर्षों में भी निवेशकों का धन वापसी करने में असमर्थ रही। अतः माननीय महोदय जी से निवेदन है कि आप इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए कंपनी की सम्पत्तियों को राजसात कर जल्द से जल्द देश भर के 5.85 करोड़ निवेशकों को उनका जमा धन ब्याज सहित वापस करवाने में सहयोग करें। अगर हम निवेशकों को जल्द से जल्द समस्या का निराकरण करते हुए धन वापसी नहीं किया गया तो आने वाले समय में (AISO) संगठन छत्तीसगढ़ के बैनर तले उग्र प्रदर्शन किया जायेगा। जिसके जिम्मेदारी केन्द्र सरकार की होगी।

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