राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर केंद्र सरकार द्वारा 9 नवंबर को किसानों से किये गये वायदे पूरे न करने के खिलाफ असंतुष्ट और आक्रोशित किसानों द्वारा आज पूरे देश में “विश्वासघात दिवस” का आयोजन किया गया।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने किसानों के एक साल से अधिक चले किसान आंदोलन के दबाव में तीन कृषि कानूनों को वापस लिया है इसके बाद केंद्र सरकार ने कृषि उपजों के न्यूनतम गारंटी मूल्य निर्धारित करने के लिये कमेटी बनाने, आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस लेने और आंदोलन के दौरान शहीद होने वाले 700 से अधिक किसानों के परिवार को आर्थिक मदद देने का वायदा किया था।
जिस पर विश्वास करते हुए किसानों ने आंदोलन को स्थगित किया था किंतु 2 माह में सरकार ने किसानों से किये गये वायदों को पूरे करने की दिशा में कोई कार्य नहीं किया जिससे किसान आक्रोशित हैं,
छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन ने आज जिला मुख्यालय दुर्ग के अलावा, बोरी, नगपुरा और अंडा में “विश्वासघात दिवस” मनाया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
